गुवाहाटी: असम में सोमवार को राजनीतिक खींचतान और तेज हो गई, जब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर और तीखे हमले किए। वहीं, गोगोई ने पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री पर SIT रिपोर्ट को दबाने और अपने नाबालिग बच्चों को इस पूरे विवाद जिसे उन्होंने ‘सुपर फ्लॉम पॉलिटिकल ड्रामा’ करार दिया है, उसमें घसीटने का आरोप लगाया।
असम के मुख्यमंत्री द्वारा लगभग ढाई घंटे की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद एक्स पर एक नए पोस्ट में सरमा ने गोगोई की 2013 में पाकिस्तान यात्रा पर सवाल उठाए और वीजा अनुमतियों और ट्रैवल लोकेशन का जिक्र किया। सरमा ने कहा कि गोगोई ने कहा है कि तक्षशिला (टैक्सिला) इस्लामाबाद में नहीं बल्कि पाकिस्तान के रावलपिंडी जिले में स्थित है, जिससे एक ‘गंभीर प्रश्न’ खड़ा होता है।
सरमा ने कहा, ‘अगर उनके पाकिस्तानी वीजा में स्पष्ट रूप से केवल लाहौर, कराची और इस्लामाबाद की यात्रा की अनुमति थी, तो उन्होंने तक्षशिला की यात्रा कैसे की, जो इस्लामाबाद राजधानी क्षेत्र के बाहर और रावलपिंडी जिले के भीतर है?’ सरमा ने कहा कि पाकिस्तान के आव्रजन नियमों के अनुसार विशेष अनुमति के बिना वीजा द्वारा निर्धारित शहरों से बाहर यात्रा की अनुमति नहीं होती है।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि रावलपिंडी में पाकिस्तान सेना का जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) भी स्थित है। इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बताते हुए उन्होंने यह जानने की मांग की कि गोगोई की आवाजाही में किसने मदद की।
सरमा के आरोपों पर गोगोई का पलटवार
सरमा के आरोपों पर तीखे जवाब देते हुए गोगोई ने आरोप लगाया मुख्यमंत्री अपने परिवार के कथित स्वामित्व वाली भूमि से जुड़े आरोपों से ध्यान हटाने के लिए विवाद खड़ा कर रहे हैं। गुवाहाटी में पत्रकारों को संबोधित करते हुए असम कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एसआईटी रिपोर्ट, जिसका हवाला सरमा ने दिया था, उसे उन्होंने छह महीने से दबा रखा है क्योंकि यह उन दावों को साबित करने में विफल रही जो उन्हें पाकिस्तान से जोड़ती है।
गोगोई ने कहा, ‘अगर यह वाकई राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला था, तो वह छह महीने तक निष्क्रिय क्यों बैठे रहे? सच तो यह है कि एसआईटी रिपोर्ट में उनके आरोपों को साबित करने के लिए कुछ भी नहीं है।’
गोगोई ने आगे कहा, ‘कांग्रेस पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता ने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया। जब हमने खुलासा किया कि 12,000 बीघा जमीन उनके परिवार के पास है, तभी उन्होंने यह नाटक शुरू किया।’
प्रेस कॉन्फ्रेंस को ‘फ्लॉप’ बताते हुए गोगोई ने बाद में एक्स पर पोस्ट किया कि वहां मौजूद पत्रकार भी आश्वस्त नहीं दिखे। उन्होंने लिखा, ‘ढाई घंटे बाद लोगों ने जो देखा वह एक सी-ग्रेड सिनेमा से भी बदतर था।’
मेरे बच्चों को घसीटा जा रहा: गोगोई
मुख्यमंत्री सरमा ने आरोप लगाया है कि गोगोई, उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बीच ‘गहरा संबंध’ है। उन्होंने दावा किया है कि संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान को भेजी गई होगी। उन्होंने यह भी कहा है कि गोगोई ने 2013 में पाकिस्तान की ‘गुप्त’ यात्रा की थी और संभवतः वहां प्रशिक्षण प्राप्त किया था।
गोगोई ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा, ‘मेरी पत्नी काम के सिलसिले में पाकिस्तान गई थीं। मैं 2013 में 10 दिन की यात्रा पर उनके साथ गया था। इसमें कुछ भी गुप्त या गैरकानूनी नहीं था।’
उन्होंने जांच में हस्तक्षेप करने से भी इनकार किया। गोगोई ने कहा, ‘मैंने पहले दिन से ही कहा है कि एसआईटी को अपना काम करना चाहिए और रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री चाणक्य नहीं हैं।’
कांग्रेस नेता सरमा के बयान में अपने परिवार के बारे में की गई टिप्पणियों पर गोगोई नाराज दिखे। गोगोई ने कहा, ‘उन्होंने इतनी नीच हरकत की कि मेरे नाबालिग बच्चों का भी जिक्र किया। हम भी उनके बच्चों के बारे में जानते हैं। सब जानते हैं। लेकिन हम परिवारों को राजनीति में नहीं घसीटते।’
इस घटना को असम के लिए शर्मनाक बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि गलत जानकारी और ‘जहरीले सोशल मीडिया वीडियो’ फैलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘पुलिस को मुख्यमंत्री द्वारा एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने का स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।’
गोगोई ने कहा कि वे इन टिप्पणियों पर कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘मैं अपने नाबालिग बच्चों पर टिप्पणी करने के लिए मुख्यमंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा।’

