नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर एपस्टीन फाइल्स में अपना नाम आने को लेकर लगाए गए आरोपों पलटवार किया। पुरी ने कहा कि उनकी मुलाकात दिवंगत और बदनाम अमेरिकी फाइनेंसर से केवल ‘कुछ मौकों पर एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में’ हुई थी और एपस्टीन के साथ केवल एक ईमेल का आदान-प्रदान हुआ था।
संसद में बुधवार को राहुल गांधी के भाषण में लगाए गए आरोपों के कुछ घंटों बाद पुरी ने दोपहर में पत्रकारों से कहा कि जेफरी एपस्टीन के साथ उनकी बातचीत का ‘उनके (एपस्टीन) खिलाफ लगे आरोपों से कोई लेना-देना नहीं था।’
मंत्री ने कहा कि उस समय उनकी मुख्य बातचीत लिंक्डइन के सह-संस्थापक रीड हॉफमैन से हुई थी और उन्होंने इंटरनेट उद्यमी और वेंचर कैपिटलिस्ट को भारत आने का निमंत्रण दिया था। पुरी ने कहा कि राहुल गांधी को इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाने की आदत है।
’20 लाख पन्नों में केवल तीन-चार बार मेरा जिक्र…’
पुरी ने कहा, ”30 लाख ईमेलों में से सिर्फ तीन-चार बार ही उनके नाम का जिक्र हुआ… मैं एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में कुछ मौकों पर एपस्टीन से मिला था और सिर्फ एक ईमेल का आदान-प्रदान हुआ था। हमारी बातचीत का उन अपराधों से कोई लेना-देना नहीं, जिनका उन पर आरोप है। हमने ‘मेक इन इंडिया’ के बारे में बात की थी।” पुरी ने कहा कि राहुल गांधी को उन ईमेल को पढ़ना चाहिए।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि तीन मिलियन ईमेल जारी किए गए हैं, जो मई 2009 से लेकर, जब मैं न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में इंडिया का एम्बेसडर बना था, और 2017 में मंत्री बनने तक के समय को कवर करते हैं। इस दौरान, सिर्फ तीन या चार मीटिंग्स का जिक्र है, और मेरी बातचीत पूरी तरह से पेशेवर थी।
पुरी की यह तीखी प्रतिक्रिया तब आई जब राहुल गांधी ने संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए एपस्टीन से संबंधित अमेरिकी फाइलों का जिक्र किया, जिनमें हरदीप पुरी और व्यवसायी अनिल अंबानी का नाम आया है। राहुल गांधी ने संसद में भाषण के दौरान भी पुरी का जिक्र किया था।
इससे पहले राहुल गांधी ने बजट पर चर्चा के दौरान अपने भाषण में कहा, ‘एक बिजनेसमैन हैं, जिनका नाम अनिल अंबानी है उन्हें जेल में क्यों नहीं हुई? ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है। मैं हरदीप पुरी से भी पूछना चाहता हूं। अनिल अंबानी को एपस्टीन से किसने मिलवाया था। हरदीप पुरी भी जानते हैं कि किसने उन्हें मिलवाया था।’ इसके बाद सदन के बाहर भी राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट के पास एपस्टीन फाइलें हैं, जिनमें हरदीप पुरी और अनिल अंबानी के नाम हैं।
एपस्टीन फाइलें पिछले महीने हुई थी जारी
पिछले महीने अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन से संबंधित फाइलों से दस्तावेजों का एक बड़ा जत्था जारी किया है। अमेरिकी कानून के तहत इन फाइलों को रिलीज किया गया है। इसमें एपस्टीन द्वारा युवा लड़कियों के यौन शोषण और धनी एवं प्रभावशाली हस्तियों के साथ उसके संबंधों के बारे में जिक्र है।
अमेरिकी डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच के अनुसार नवीनतम खुलासे में 30 लाख से अधिक पृष्ठों के दस्तावेज, 2,000 से अधिक वीडियो और 180,000 तस्वीरें जारी की गई हैं।
विभाग की वेबसाइट पर प्रकाशित फाइलों में वह सामग्री शामिल है जिसे अधिकारियों ने दिसंबर में प्रकाशन से रोक के रखा था।
ये खुलासे एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत अनिवार्य हैं, जिसे महीनों के राजनीतिक और जन दबाव के बाद लागू किया गया। यह कानून अमेरिकी सरकार को न केवल एपस्टीन से, बल्कि उसकी लंबे समय की सहयोगी और पूर्व प्रेमिका घिसलेन मैक्सवेल से संबंधित फाइलें भी खोलने के लिए बाध्य करता है।
एपस्टीन की अगस्त 2019 में न्यूयॉर्क की एक जेल में मृत्यु हो गई थी। बताया गया कि संघीय यौन तस्करी के आरोपों में अभियोग लगाए जाने के एक महीने बाद उसने जेल में आत्महत्या कर ली थी।

