नई दिल्ली: कांग्रेस राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने VB-G RAM G (विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025) बिल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए और केंद्र सरकार पर ‘मनरेगा पर बुलडोजर चलाने’ और गरीबों के हितों पर हमला करने का आरोप लगाया। सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पिछले 11 सालों में ग्रामीण बेरोजगारों, गरीबों और हाशिए पर पड़े लोगों के हितों की अनदेखी करके मनरेगा को लगातार कमजोर करने की कोशिश की है, जबकि यह योजना कोविड संकट के दौरान इन वर्गों के लिए जीवन रेखा साबित हुई थी।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘हालांकि MGNREGA को लाने और लागू करने में कांग्रेस ने अहम भूमिका निभाई, लेकिन यह योजना कभी किसी राजनीतिक पार्टी के बारे में नहीं थी। यह राष्ट्रीय हित और जन कल्याण के बारे में थी। इस कानून को कमजोर करके, मोदी सरकार ने करोड़ों किसानों, मजदूरों और भूमिहीन ग्रामीण गरीबों के हितों पर हमला किया है।’
राज्यसभा सांसद ने आगे कहा, ‘मनरेगा को लाने और लागू करने में कांग्रेस का बड़ा योगदान था। यह देश और लोगों के हितों से जुड़ी योजना थी। मोदी सरकार ने इसके जरिए गरीबों के हितों पर हमला किया है।’
सोनिया गांधी ने कहा, ‘पिछले 11 साल में मोदी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार, गरीबों और वंचितों के हितों को नजरअंदाज कर मनरेगा को कमजोर करने की हर कोशिश की, जबकि कोविड के वक्त ये गरीब वर्ग के लिए संजीवनी साबित हुआ। लेकिन बहुत अफसोस की बात है कि अभी हाल में सरकार ने मनरेगा पर बुलडोजर चला दिया। न सिर्फ महात्मा गांधी का नाम हटाया गया, बल्कि मनरेगा का रूप-स्वरुप बिना विचार-विमर्श किए, बिना किसी से सलाह-मशवरा किए, बिना विपक्ष को विश्वास में लिए मनमाने ढंग से बदल दिया गया। अब किसको, कितना, कहां और किस तरह रोजगार मिलेगा, यह जमीनी हकीकत से दूर दिल्ली में बैठकर सरकार तय करेगी।’
VB-G RAM G: संसद से पास…राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार
विकसित भारत- जी राम जी विधेयक-2025 को फिलहाल संसद से मंजूरी मिलने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतज़ार है। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष के जबरदस्त विरोध के बीच इसे पास किया गया है। गुरुवार को ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिल के पक्ष में बोलते हुए दावा किया कि यह कानून MGNREGA में काफी सुधार करता है, जो भ्रष्टाचार और अक्षमता से ‘भरा हुआ’ था।
दूसरी ओर विपक्ष मांग कर रहा था कि बिल को संसदीय समिति के पास भेजा जाए। विपक्ष खासकर कांग्रेस ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने के लिए भी सरकार पर हमलावर है।
जब कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल की विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन-ग्रामीण (VB-G RAM G) बिल को समिति के पास भेजने की मांग को अनसुना कर दिया गया और चौहान ने अपना जवाब देना शुरू किया, तो विपक्षी सदस्य सदन के वेल में आ गए, कागज फाड़ते हुए सदन द्वारा बिल पास किए जाने तक अपना विरोध जारी रखा।
बता दें कि सरकार ने दो दशक पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को एक और कानून, जिसका नाम विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB–G RAM G) बिल, 2025 है, उससे बदल दिया है। इस बिल का मकसद MGNREGA की जगह एक नया ढांचा लाना है, जिसका लक्ष्य ग्रामीण रोजगार और विकास को विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के साथ जोड़ना है।
यह बिल MNREGA में एक बड़ा बदलाव है। जारी किए गए एक बयान के अनुसार प्रस्तावित कानून के तहत, सरकार ‘विकसित भारत 2047 के साथ तालमेल बिठाते हुए एक आधुनिक वैधानिक ढांचा स्थापित कर रही है, जो हर ग्रामीण परिवार को 125 दिनों के वेतन वाली रोजगार की गारंटी देता है। यह परिवार के उन वयस्क सदस्यों के लिए है जो बिना खास कौशल वाले शारीरिक काम करने के लिए स्वेच्छा से तैयार हैं।

