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पत्र: 21 दिसंबर 1817
“प्रिय जॉर्ज और टॉम,
कल शाम मैं डिल्के के साथ था और हम साहित्य तथा मनुष्य की प्रकृति पर चर्चा कर रहे थे। उसी दौरान मुझे एक विचार आया, जो मुझे लगता है कि किसी महान व्यक्ति, विशेषकर एक महान कवि, के गुण को परिभाषित करता है।
मैं उसे ‘Negative Capability’ कहता हूँ अर्थात वह क्षमता, जिसमें मनुष्य अनिश्चितताओं, रहस्यों और संदेहों के बीच बिना किसी चिड़चिड़ेपन या तर्क के आग्रह के रह सके।
मुझे लगता है कि शेक्सपीयर में यह गुण अत्यधिक था। वे किसी निश्चित निष्कर्ष की तलाश में नहीं रहते थे, बल्कि जीवन को उसकी संपूर्ण जटिलता में स्वीकार करते थे।
इसके विपरीत, कोलरिज जैसे व्यक्ति इस क्षमता से वंचित थे। वे हर चीज़ को एक दार्शनिक निष्कर्ष तक पहुँचाना चाहते थे।
मुझे विश्वास है कि एक सच्चे कवि के लिए यह आवश्यक है कि वह अपने ‘स्व’ को मिटा सके और वस्तुओं में विलीन हो सके।
— तुम्हारा स्नेही,
जॉन”
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“प्रिय जॉन,
तुम्हारा पत्र मिला और तुम्हारे विचार पढ़कर बहुत प्रसन्नता हुई। तुम्हारी ‘Negative Capability’ की अवधारणा अत्यंत रोचक है।
मुझे लगता है कि यह न केवल कविता, बल्कि जीवन के लिए भी आवश्यक है—क्योंकि हम हर चीज़ को पूरी तरह समझ नहीं सकते।
फिर भी, मुझे यह भी लगता है कि कुछ निश्चित आधार और विश्वास भी आवश्यक होते हैं, जिन पर मनुष्य टिक सके।
तुम्हारे विचारों ने मुझे बहुत कुछ सोचने पर विवश किया है।
— तुम्हारा,
जॉर्ज”

