शुक्रवार, मार्च 20, 2026
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IIT जोधपुर: जनरेटिव AI ‘सृजन’ केंद्र की स्थापना का ऐलान, MeitY-मेटा के बीच साझेदारी

नई दिल्ली: मेटा और भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के बीच हाल ही में एक महत्त्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा हुई है, जिसका उद्देश्य भारत में ओपन-सोर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देना है। इस पहल का नाम ‘इंडिया एआई’ रखा गया है, जिसके तहत आईआईटी जोधपुर में एक नए ‘सृजन’ नामक जेनरेटिव एआई सेंटर की स्थापना करने की योजना है।

इस सहयोग के तहत ‘सृजन’ AI सेंटर के साथ-साथ अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के साथ मिलकर ‘युवा एआई पहल’ भी शुरू की जाएगी। यह पहल खासतौर पर युवा छात्रों और डेवलपर्स के लिए डिजाइन की गई है, जिसमें कौशल और क्षमता निर्माण पर जोर दिया जाएगा।

साझेदारी में मेटा करेगा 750 लाख का योगदन

फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा ने इन परियोजनाओं को समर्थन देने के लिए तीन वर्षों में कुल 750 लाख रुपए के योगदान की घोषणा की है। MeitY का मानना है कि ‘सृजन’ AI सेंटर से भारत के छात्रों और युवा डेवलपर्स को सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर लाभ होगा। इसके जरिए ओपन-सोर्स AI टूल्स का उपयोग कर युवा वास्तविक दुनिया की समस्याओं का समाधान खोजने में सक्षम बनेंगे।

‘सृजन’ सेंटर शिक्षा, कृषि, स्मार्ट सिटी और स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में रिसर्च करेगा। इन क्षेत्रों में AI तकनीकों का लाभ उठाते हुए नए समाधानों का विकास किया जाएगा, जो भारत के समाज और अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव ला सके।

‘सृजन’ सेंटर में ओपन-सोर्स AI नवाचार पर मुख्य रूप से ध्यान दिया जाएगा, वहीं ‘युवा AI पहल’ के माध्यम से मेटा और AICTE एक लाख भारतीय छात्रों और युवा डेवलपर्स को AI के बड़े भाषा मॉडल (LLM) के उपयोग में प्रशिक्षित करेंगे। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को व्यावहारिक एप्लीकेशनों में AI का सही और सार्थक उपयोग सिखाना है, ताकि वे आधुनिक तकनीकों में एक्सपर्ट हो सकें।

साझेदारी पर MEITY के सचिव ने क्या कहा

MeitY के सचिव एस. कृष्णन ने इस साझेदारी की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा, “यह पहल न केवल AI तकनीक को आगे बढ़ाने में सहायक होगी बल्कि इसके जिम्मेदार और नैतिक उपयोग के लिए भी एक मजबूत आधार तैयार करेगी। इससे भारत में रिसर्च, कौशल विकास, और ओपन-सोर्स इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।”

MeitY के अपर सचिव अभिषेक सिंह ने साझेदारी पर जोर देते हुए कहा, “भारत सरकार, इंडिया एआई पहल के माध्यम से समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। मेटा जैसी अग्रणी कंपनियों के साथ यह सहयोग हमारे AI नवाचार और तकनीकी प्रगति को साकार करने में मदद करेगा।”

गौरतलब है कि ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ को MeitY द्वारा जून 2023 में लॉन्च किया गया था। मंत्रालय का कहना है कि मेटा की सीड फंडिंग और इंडिया एआई की सहायता से इस जेनरेटिव एआई रिसर्च को और भी आगे ले जाने की योजना है।

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