नई दिल्ली: नया साल यानी 1 जनवरी, 2026 अपने साथ देश में कई नीतिगत बदलाव भी लेकर आया है। कई नए नियम लागू हो रहे हैं जिसके बारे में जानना जरूरी है। इन नियमों से किसान सहित नौकरीपेशा लोग, युवा और आम जनता प्रभावित होगी। इनमें बैंकिंग नियम, ईंधन की कीमतें और विभिन्न सरकारी योजनाएं शामिल है, जहां बदलाव नजर आएंगे। 1 जनवरी, 2026 से भारत में होने वाले कुछ अहम बदलाव पर नजर डालते हैं जो जाहिर तौर बैंकिंग, टैक्स और घरेलू बजट पर असर डालेंगे।
पैन-आधार लिंक करना जरूरी: अगर आपने अभी तक अपना पैन और आधार लिंक नहीं किया है, तो आपको बैंकिंग और सरकारी सेवाओं में दिक्कतें आ सकती हैं। अब अकाउंट फ्रीज और सर्विस ब्लॉक से बचने के लिए लिंकिंग जरूरी है। पैन-आधार लिंक नहीं होने से टैक्स फाइलिंग, रिफंड और जरूरी बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच में रुकावट आएगी। इन सब समस्याओं से बचने के लिए इसे जल्द से जल्द करवा लें।
एलपीजी सिलेंडर महंगा: 1 जनवरी, 2026 की शुरुआत के साथ ही देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफे का ऐलान किया है। ये बढ़ोतरी 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर की गई है। ये 111 रुपये तक महंगा हो गया है। वैसे, 14 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ये राहत की बात है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल होटलों और अन्य व्यवसायिक स्थानों के लिए होता है।
8वें वेतन आयोग को लेकर उम्मीदें: 31 दिसंबर, 2025 के बीतने के साथ ही 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल भी खत्म हो गया है। 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी, 2026 से लागू किया जाएगा। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरधारकों की सैलरी और पेंशन में बदलाव जल्द होगा। वैसे इसके लागू होने में अभी कुछ महीने या साल भर का समय लग सकता है।
क्रेडिट स्कोर अपडेट: मौजूदा 15-दिन के साइकिल के बजाय अब क्रेडिट ब्यूरो हर हफ्ते कस्टमर डेटा को अपडेट करेंगे। इसका मतलब है कि लोन चुकाने में थोड़ी भी देरी या डिफॉल्ट होने का असर आपके क्रेडिट स्कोर पर बहुत तेजी से दिखेगा, जिससे सीधे तौर पर लोन एलिजिबिलिटी पर असर पड़ेगा।
पीएम किसान के लिए नया फार्मर आईडी: भारत सरकार ने PM-किसान योजना के लिए एक नया किसान ID सिस्टम शुरू किया है, जिसे 1 जनवरी, 2025 से नए आवेदकों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। यह डिजिटल ID किसानों के जमीन के रिकॉर्ड, फसल की जानकारी, आधार और बैंक डिटेल्स को जोड़ती है, जिससे पारदर्शिता और मिलने वाले फायदे का ठीक तरीके से ट्रांसफर सुनिश्चित होता है। मौजूदा लाभार्थियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन नए आवेदकों को सालाना 6,000 रुपये की सहायता पाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। फसल बीमा के नियमों का भी विस्तार किया जा रहा है। पीएम किसान फसल बीमा योजना के तहत अब जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को भी कवर किया जाएगा, बशर्ते नुकसान की रिपोर्ट 72 घंटे के अंदर दी जाए।
नया इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म: आयकर जमा करने वाले जनवरी 2026 से एक नया इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म मिलने की उम्मीद कर सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार इसमें बैंकिंग और खर्च की डिटेल्स पहले से भरी होंगी। इस कदम का मकसद फाइलिंग प्रोसेस को आसान बनाना है, साथ ही गलतियों और कमियों को कम करने सहित जांच की प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ाना है।
डिजिटल पेमेंट पर नजर: धोखाधड़ी को रोकने के लिए बैंक UPI ट्रांजैक्शन पर ज्यादा सख्त चेक लगाएंगे। इसके अलावा WhatsApp और Telegram जैसे मैसेजिंग ऐप्स के लिए ज्यादा सख्त SIM वेरिफिकेशन नियम लागू किया जाना है।

