Monday, April 6, 2026
Homeविश्वअमेरिका-फ्रांस में क्यों बढ़ी है तनातनी? US राजदूत के खिलाफ पेरिस ने...

अमेरिका-फ्रांस में क्यों बढ़ी है तनातनी? US राजदूत के खिलाफ पेरिस ने लिया बड़ा एक्शन

फ्रांस में अमेरिका के राजदूत चार्ल्स कुशनर हैं। वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर के पिता हैं।

पेरिस: फ्रांस में अमेरिका के राजदूत चार्ल्स कुशनर पर सरकारी अधिकारियों से मिलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह कदम फ्रांस की ओर से उठाया गया है। सामने आई जानकारी के अनुसार कुशनर ने फ्रांस के विदेश मंत्रालय द्वारा भेजे गए समन की अनदेखी की थी। इसके बाद फ्रांस ने यह कदम उठाया है। कुशनर को यह समन ट्रंप प्रशासन की हालिया उस टिप्पणी को लेकर जारी किया गया था, जिसमें एक दक्षिणपंथी कार्यकर्ता की हत्या पर प्रतिक्रिया दी गई थी।

कुशनर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर के पिता हैं। उन्हें पेरिस स्थित फ्रांस के विदेश मंत्रालय (Quai d’Orsay) बुलाया गया था। यह कदम तब उठाया गया जब 23 साल क्वेंटिन डेरांक की ल्यों में उसके समूह और वामपंथी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प में मौत हो गई। अमेरिका ने फ्रांस की इस राजनीतिक उथल-पुथल पर टिप्पणी की थी।

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा था कि हिंसक कट्टर वामपंथ का उभार हो रहा है और यह जन सुरक्षा के लिए खतरा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिका की ओर से कहा गया था कि वह ‘स्थिति पर नजर रखेगा और उम्मीद करता है कि हिंसा के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।’

इसके बाद पेरिस स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी इस टिप्पणी को फ्रेंच भाषा में दोबारा पोस्ट किया, जिससे राजनयिक विवाद खड़ा हो गया था। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब ट्रंप प्रशासन हाल के दिनों में खुले तौर पर यूरोप के दक्षिणपंथी आंदोलनों का समर्थन करता रहा है। ट्रंप प्रशासन का मानना रहा है कि पश्चिमी सभ्यता अनियंत्रित आप्रवासन और अत्यधिक वामपंथी सक्रियता से खतरे में है।

फ्रांस के विदेश मंत्री ने जताई नाराजगी

द फाइनांसियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार फ्रांस के विदेश मंत्री जेन-नोएल बारो (Jean-Noël Barrot) ने फ्रांस इंफो से बातचीत में कहा कि कुशनर का न आना ‘आश्चर्यजनक’ है और यह उन देशों के बीच नहीं होना चाहिए जिनका 250 साल पुराना गठबंधन है।

दरअसल, समन पर अमेरिकी दूतावास के एक अधिकारी को कुशनर की ओर से फ्रांस के विदेश मंत्रालय भेजा गया था। अधिकारी ने बताया कि कुशनर निजी कारणों से उपस्थित नहीं हो सके हैं।

बहरहाल, फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने नाराजगी जताता हुए कहा, ‘जब आपको अपने देश संयुक्त राज्य अमेरिका का फ्रांस में राजदूत बनने का सम्मान मिलता है, तो आप कूटनीति के मूल नियमों का सम्मान करते हैं और विदेश मंत्रालय के बुलावे पर उपस्थित होते हैं।’

उन्होंने आगे कहा, ‘फ्रांसीसी जनता और फ्रांस यह स्वीकार नहीं करते कि कोई विदेशी देश या प्राधिकरण हमारे राष्ट्रीय विमर्श में दखल दे।’

बारो ने कहा कि सरकारी अधिकारियों द्वारा कुशनर से न मिलने का निर्णय ‘स्वाभाविक रूप से उनके मिशन को प्रभावित करेगा।’ हालांकि, यदि राजदूत अपना स्पष्टीकरण देते हैं, तो उनकी पहुंच फिर से बहाल की जा सकती है।

गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि यूरोप ‘अवैध प्रवासियों के हमले’ से बर्बाद हो रहा है। व्हाइट हाउस की हालिया राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में भी कहा गया कि यूरोप का आर्थिक पतन ‘सभ्यतागत विनाश’ में बदल सकता है और 20 साल के भीतर महाद्वीप ‘पहचाने जाने योग्य नहीं रहेगा।’

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments