श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर ‘भ्रामक सामग्री’ साझा करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। लोकसभा सांसद मेहदी अमेरिका-इजराइल द्वारा ईरान पर हमले को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की प्रतिक्रिया अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की आलोचना करते रहे हैं। मेहदी ने कश्मीर में हुए विरोध प्रदर्शनों और सोमवार को सुरक्षाकर्मियों से झड़पों के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी के साथ कथित मारपीट के वीडियो अपलोड किए थे।
FIR दर्ज होने के बाद पलटवार करते हुए रुहुल्लाह के कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘वही प्रशासन जो एक संप्रभु राष्ट्र के नेता की शहादत की निंदा करने का साहस नहीं जुटा सका, अब उस एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने का साहस दिखा रहा है जिसने ऐसा किया।’
वहीं, पुलिस ने बताया कि श्रीनगर के सांसद रुहल्लाह और शहर के पूर्व मेयर जुनैद अजीम मट्टू के खिलाफ एफआईआर ‘डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर झूठी, मनगढ़ंत और भ्रामक सामग्री फैलाने के संबंध में विश्वसनीय सूचनाओं’ के आधार पर दर्ज की गई है। इन सामग्री का मकसद डर पैदा करना, सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ना और गैरकानूनी गतिविधियों को भड़काना था।
पुलिस के एक बयान में कहा गया है, ‘गलत सूचना फैलाने के ऐसे जानबूझकर किए गए प्रयास शांति, सुरक्षा और समग्र स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।’ बयान में आगे कहा गया है कि जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला भारतीय न्याय संहिता की उन धाराओं के तहत दर्ज किया गया है जो भारत की संप्रभुता, एकता, अखंडता या सुरक्षा को खतरे में डालने वाली झूठी या भ्रामक जानकारी बनाने या प्रकाशित करने, और जनता में भय या घबराहट पैदा करने, उसे राज्य के खिलाफ अपराध करने के लिए प्रेरित करने वाली कार्रवाई या इरादे से संबंधित हैं।
हालांकि, मेहदी ने कहा कि एफआईआर उन्हें चुप नहीं करा पाएगी। उनके कार्यालय ने एक्स पर कहा, ‘श्रीनगर की जनता ने अपने सांसद को सरकार द्वारा स्वीकृत शोक संदेश पढ़ने के लिए नहीं चुना है। उन्होंने उन्हें सच बोलने के लिए चुना है। यह जनादेश एफआईआर से समाप्त नहीं हो जाता।’
इससे पहले मेहदी ने प्रशासन पर अपनी सुरक्षा कम करने या वापस लेने और उनके फेसबुक अकाउंट को निलंबित करने का आरोप लगाते हुए उसकी कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘जम्मू-कश्मीर पुलिस और प्रशासन के कुछ मूर्खों को लगता है कि मेरी सुरक्षा कम करने/वापस लेने और मेरे फेसबुक अकाउंट को निलंबित करने से मैं उनके अत्याचारों का पर्दाफाश करना बंद कर दूंगा। यह हास्यास्पद है।’
मेहदी फिलहाल अपनी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस में भी अलग-थलग हैं। खासकर उनके पार्टी नेतृत्व से संबंध तनावपूर्ण हैं। मेहदी ने कहा कि वे अपने पिता आगा सैयद मेहदी मुस्तफा के नक्शेकदम पर चलना पसंद करेंगे, जिनकी आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। उन्होंने कहा, ‘न तो मुझे इन छोटी-मोटी बातों (सुरक्षा व्यवस्था) से कोई लगाव है और न ही इनकी गैरमौजूदगी से डर लगता है। मेरे पिता अपने लोगों के लिए लड़ते हुए शहीद हुए। यही बात मुझे प्रेरित करती है। यही मेरा मार्ग है।’
मेहदी ने कहा, ‘मैं इस देश का नागरिक हूं और आपके अत्याचारों, कानूनों के उल्लंघन, स्वतंत्रता और लोकतंत्र के खिलाफ संविधान के तहत मिले अपने अधिकार का प्रयोग अपने रक्त की अंतिम बूंद तक करूंगा। आपके पास जो भी थोड़ी-बहुत सुरक्षा बची है, उसे ले लीजिए। ये मूर्खतापूर्ण कृत्य मुझे रोक नहीं पाएंगे।’
वहीं, पुलिस ने ‘फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं के नेटवर्क’ पर कार्रवाई करते हुए कई मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। श्रीनगर के तीन प्रमुख समाचार पत्रों के फेसबुक पेज हटा दिए गए हैं। पुलिस के अनुसार, उसने ‘कुछ समाचार चैनलों, मीडिया संस्थानों और व्यक्तियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानबूझकर झूठी, मनगढ़ंत और भ्रामक जानकारी फैलाने’ का गंभीर संज्ञान लिया है। कई प्रोफाइल की पहचान कर ली गई है और संबंधित व्यक्तियों को जम्मू-कश्मीर पुलिस के साइबर सेल में तलब किया गया है। पुलिस ने बताया कि जांच सक्रिय रूप से जारी है और इसमें शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

