नई दिल्ली: मेटा इन दिनों फेसबुक पर एक नया प्रयोग कर रहा है। इस प्रयोग में कुछ फ्री यूजरों के लिए रोजाना केवल दो लिंक पोस्ट करने की लिमिट लगाई गई है। जिन लोगों को सोशल मीडिया कंपनी से यह मैसेज मिला और जो रोजाना की लिमिट से ज्यादा पोस्ट करना चाहते थे, उनसे ‘मेटा वेरिफाइड’ सब्सक्रिप्शन पैकेज के लिए पेमेंट करने को कहा गया है। इसकी प्रति महीने मेंबरशिप फीस (सदस्यता फीस) 14.99 डॉलर (1352 रुपये) है।
मीडिया में आई रिपोर्ट के अनुसार इस कोर सर्विस के लिए पेड ऑप्शन की टेस्टिंग से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया एक्सपर्ट मैट नवरा ने दी है। उन्होंने पिछले हफ्ते से उन कुछ यूजरों की शिकायतों के बाद इस नए डेवलपमेंट का जिक्र किया, जिन्हें इस लिमिट से रोका गया था। फेसबुक ने भी नवरा को जो मैसेज दिखाया, उसके स्क्रीनशॉट से यह साबित होता है कि सभी लिंक शेयरिंग को सीमित नहीं किया गया है। मसलन एफिलिएट लिंक और कमेंटों को शेयर करने के मामले में फ्री अकाउंट्स पर ये पाबंदियां नहीं लगाई गई हैं। क्रॉस-प्लेटफॉर्म शेयरिंग पर भी कोई लिमिट नहीं है, जिससे लोग इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और फेसबुक पोस्ट जैसे मेटा प्रोडक्ट्स के लिंक फ्री में शेयर कर सकते हैं।
थ्रेड्स पर शेयर की गई एक पोस्ट में नवरा ने लिखा, ‘वाह! फेसबुक, मेटा वेरिफाइड सब्सक्रिप्शन के बिना लोग जितने लिंक शेयर कर सकते हैं, उसकी संख्या को सीमित करने का टेस्ट कर रहा है। कुछ यूजर बिना मेटा वेरिफाइड अकाउंट के ऑर्गेनिक पोस्ट में हर महीने सिर्फ दो लिंक शेयर कर पाएंगे! मेटा ने मुझे यह कन्फर्म किया है- ‘यह एक लिमिटेड टेस्ट है यह समझने के लिए कि लिंक वाली ज्यादा पोस्ट पब्लिश करने की क्षमता मेटा वेरिफाइड सब्सक्राइबर के लिए कोई एक्स्ट्रा वैल्यू जोड़ती है या नहीं।’
मेटा ने फेसबुक लिंक शेयरिंग टेस्ट के बारे में क्या बताया?
नवारा ने एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया जिसमें मेटा का बदलाव के बारे में किया गया मैसेज दिख रहा था। इसमें कंपनी ने लिखा था, ’16 दिसंबर से मेटा वेरिफाइड के बगैर कुछ फेसबुक प्रोफाइल, जिनमें आपकी भी शामिल है, हर महीने 2 ऑर्गेनिक पोस्ट लिंक शेयर करने तक सीमित रहेंगी। फेसबुक पर ज्यादा लिंक शेयर करने के लिए मेटा वेरिफाइड को सब्सक्राइब करें, साथ ही वेरिफाइड बैज और अपनी ब्रांड को सुरक्षित रखने में मदद करने वाले अतिरिक्त फायदे भी पाएं।’
मेटा ने पुष्टि की है कि वे मेटा वेरिफाइड के सब्सक्राइबर को ज्यादा फायदे देने की कोशिश कर रहे हैं, और यह प्रयोग उसी का एक हिस्सा है। कंपनी ने यह भी साफ किया कि पब्लिशर्स के अकाउंट पर अभी यह ट्राई नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा, यूजर लिमिट की परवाह किए बिना अपने कमेंट्स में लिंक शेयर कर सकते हैं। टेकक्रंच को दिए एक बयान में मेटा के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘यह एक लिमिटेड टेस्ट है यह समझने के लिए कि लिंक के साथ ज्यदा पोस्ट पब्लिश करने की क्षमता मेटा वेरिफाइड सब्सक्राइबर के लिए अतिरिक्त वैल्यू जोड़ती है या नहीं।’
यह बदलाव सीधे तौर पर उन क्रिएटर और ब्रांड को प्रभावित करेगा जो ज्यादा लोगों तक पहुंचने के लिए अपने ब्लॉग या दूसरे प्लेटफॉर्म से लिंक शेयर करते हैं।
मेटा ने कहा कि वह मेटा वेरिफाइड सब्सक्राइबर को ज्यादा फायदे देने के तरीकों की टेस्टिंग कर रहा है, और यह प्रयोग उसी कोशिश का हिस्सा है। कंपनी ने साफ किया कि अभी पब्लिशर को इस टेस्ट में शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा, यूजर अभी भी कमेंट्स में लिंक शेयर कर सकते हैं, जो इस लिमिट से प्रभावित नहीं होंगे।
मेटा ने यह भी साफ़ किया कि लिंक वाली पोस्ट पर होने वाले 1.9% व्यूज में से ज्यादातर पेज फॉलोअर्स के बीच हुए, और बहुत कम हिस्सा दोस्तों/ग्रुप्स के जरिए हुआ। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि YouTube, TikTok और GoFundMe कुछ सबसे अधिक शेयर किए जाने वाले लिंक डोमेन हैं। इसका मतलब है कि अगर यह लिंक लिमिट लागू होती है, तो लोग मेटा के बाहर कंटेंट शेयर नहीं कर पाएंगे अगर वह कंटेंट मेटा के अलावा किसी दूसरे प्लेटफॉर्म पर है, या अगर उन्होंने सब्सक्रिप्शन नहीं लिया है।

