नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) ने भारत सरकार के कड़े रुख के बाद 600 से ज्यादा अकाउंट्स को डिलीट कर दिया है और 3,500 से अधिक आपत्तिजनक पोस्ट (कंटेंट) को ब्लॉक कर दिया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई एक्स के एआई चैटबॉट ग्रोक (Grok) द्वारा अश्लील और आपत्तिजनक तस्वीरें बनाने (जेनरेट करने) को लेकर सरकार द्वारा दी गई चेतावनी के बाद हुई है।
आईटी मंत्रालय ने 2 जनवरी को एक्स को लिखे पत्र में ग्रोक के जरिए अश्लील, भद्दे और यौन रूप से स्पष्ट कंटेंट के प्रसार पर गंभीर आपत्ति जताई थी। पाया था कि एक्स के एआई टूल ग्रोक का इस्तेमाल अश्लील और यौन रूप से स्पष्ट तस्वीरें और वीडियो बनाने के लिए किया जा रहा था, जो विशेष रूप से महिलाओं को निशाना बना रहे थे।
सरकार ने इसे सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) और 2021 के नियमों का गंभीर उल्लंघन माना। मंत्रालय का कहना था कि इस तरह का कंटेंट महिलाओं और बच्चों की गरिमा, निजता और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।
पहले एक्स ने दिया था पुरानी यूजर पॉलिसी का हवाला
एक्स ने मंत्रालय के पत्र के 5 दिन बाद 5 पन्नों का जवाब भेजकर अपनी पुरानी यूजर पॉलिसी का हवाला दिया था, जिससे सरकार बिल्कुल संतुष्ट नहीं हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ग्रोक को केवल एक तटस्थ प्लेटफॉर्म टूल नहीं माना जा सकता, बल्कि यह एक ‘आर्टिफिशियल कंटेंट क्रिएटर’ है।
सरकार ने चेतावनी दी थी कि अगर एक्स ने सुधार नहीं किया, तो वह आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा खो देगा। इसका मतलब यह होता कि प्लेटफॉर्म पर पोस्ट होने वाले किसी भी अवैध कंटेंट के लिए कंपनी सीधे तौर पर उत्तरदायी होती।
सरकार के दबाव के बाद एक्स ने मानी गलती
दबाव के बाद एक्स ने अब मंत्रालय की चिंताओं को स्वीकार कर लिया है। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर अश्लील कंटेंट को रोकने के लिए तकनीकी और गवर्नेंस स्तर पर व्यापक बदलाव करेगी।
भारत के अलावा इंडोनेशिया ने भी अश्लील सामग्री के डर से इस चैटबॉट को सस्पेंड कर दिया है, जबकि ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देश भी इसके कंटेंट पर आपत्ति जता चुके हैं। फिलहाल, एक्स ने मंत्रालय को अपनी ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ सौंप दी है और भविष्य में नियमों के पालन का वादा किया है।

