चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) की समयसीमा बढ़ाने का फैसला लिया है। अब मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म 4 दिसंबर की जगह 11 दिसंबर तक भरे जा सकेंगे। इसके साथ ही ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 16 दिसंबर 2025 को जारी होगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
एसआईआर की यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में जारी है। चुनाव आयोग के अनुसार यह विस्तार एक महत्वपूर्ण निर्णय है ताकि मतदाता सूची बिना जल्दबाजी के सही और पूर्ण रूप में तैयार हो सके। विपक्षी दलों ने पहले ही आशंका जताई थी कि पिछली समयसीमा बहुत कम थी और इससे मतदाता सूची की सटीकता पर असर पड़ सकता था।
चुनाव आयोग ने एसआईआर की डेडलाइन बढ़ाने का फैसला ऐसे वक्त में लिया है जब दबाव के कारण कई राज्यों में बीएलओ ने अपनी जान दे दी है। सिर्फ 22 दिनों में सात राज्यों में कुल 25 बीएलओ की मौत दर्ज हुई है। सबसे ज्यादा मामले मध्य प्रदेश से आए हैं, जहां 9 बीएलओ की जान गई। इसके बाद उत्तर प्रदेश और गुजरात में 4-4 मौतें, जबकि पश्चिम बंगाल और राजस्थान में 3-3 बीएलओ की मौत हुई। वहीं तमिलनाडु और केरल में 1-1 बीएलओ की मौत दर्ज की गई।
आखिर SIR क्यों जरूरी?
एसआईआर यानी स्पेशल इंटेसिव रिवीजन एक व्यापक सत्यापन अभियान है, जो तब शुरू किया जाता है जब सामान्य वार्षिक संशोधन मतदाता सूची की गड़बड़ियों को ठीक करने के लिए पर्याप्त नहीं माना जाता। आयोग के अनुसार पिछले 20 वर्षों में मतदाता सूचियों में कई त्रुटियां जमा हो गई हैं, क्योंकि 2002-2004 के बाद राष्ट्रव्यापी घर-घर जाकर सूची संशोधन नहीं हुआ।
चुनाव आयोग के अनुसार कई समस्याएं सामने आईं है। जैसे, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटे नहीं, एक ही व्यक्ति के नाम कई जगह दर्ज और आबादी से तेजी से बढ़ता मतदाताओं का आंकड़ा। 2026 में कई बड़े चुनाव होने हैं, इसलिए आयोग चाहता है कि मतदाता सूची कानूनी रूप से मजबूत, साफ-सुथरी और भरोसेमंद हो।
SIR फॉर्म में मांगी गई महत्वपूर्ण जानकारी
एसआईआर फॉर्म में चार मुख्य सेक्शन होते हैं:
- पहले से भरी गई जानकारी – नाम, पता, EPIC नंबर आदि की पुष्टि करनी होगी।
- विरासत लिंकेज (Legacy Linkage) – यह सबसे अहम बदलाव है। मतदाता को यह बताना होगा कि उनका या उनके किसी रिश्तेदार का नाम 2002 की मतदाता सूची में था या नहीं।
- व्यक्तिगत जानकारी – जन्म तिथि, माता-पिता या जीवनसाथी का नाम, मोबाइल नंबर, EPIC व आधार (वैकल्पिक)।
- घोषणा – यह पुष्टि कि जानकारी सही है और मतदाता का नाम किसी अन्य जगह दर्ज नहीं है।
अभी मतदाताओं को क्या करना चाहिए?
- 11 दिसंबर से पहले फॉर्म जमा करें – BLO तीन बार तक घर आएंगे।
- यदि बीएलओ नहीं आया तो voters.eci.gov.in पर ऑनलाइन फॉर्म भरें।
- 9 दिसंबर से ड्राफ्ट रोल देखें – नाम गायब है तो 6 नंबर फॉर्म भरकर 8 जनवरी 2026 तक दावा करें।
- फाइनल लिस्ट 14 फरवरी से पहले जांच लें, अगर नाम हट गया है तो 15 दिनों में अपील कर सकते हैं।

