Friday, March 20, 2026
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केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को ED ने भेजा नोटिस, क्या है मामला और सीपीएम ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के अलावा, पूर्व वित्त मंत्री टीएम थॉमस इसाक और केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी केएम अब्राहम को भी ईडी से नोटिस मिला है।

प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (KIIFB) द्वारा जारी किए गए ‘मसाला बॉन्ड’ से जुड़े कथित विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) उल्लंघन के मामले में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

मुख्यमंत्री के अलावा, पूर्व वित्त मंत्री टीएम थॉमस इसाक और केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी केएम अब्राहम को भी ईडी से नोटिस मिला है।

क्या है मामला?

ईडी की प्रारंभिक जांच से पता चला कि 2019 में KIIFB ने लंदन स्टॉक एक्सचेंज में मसाला बॉन्ड जारी कर 2,150 करोड़ रुपये जुटाए, जिस पर 9.72% ब्याज दर तय की गई थी। आरोप है कि इस राशि को विदेश से उधार लेकर देश के अंदर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल किया गया, जो फेमा के नियमों के खिलाफ माना जाता है।

बताया गया है कि बॉन्ड जारी करने का निर्णय 17 जनवरी 2019 को सीएम पिनाराई विजयन की अध्यक्षता में हुई KIIFB बोर्ड मीटिंग में लिया गया था। तीन महीने पहले ईडी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट चेन्नई की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी को सौंपी थी, जिसके आधार पर पिछले सप्ताह नोटिस जारी किए गए।

अब दिल्ली स्थित एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ईडी की रिपोर्ट की जांच, दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगी और तय करेगी कि फेमा का उल्लंघन हुआ या नहीं। अगर आरोप साबित होते हैं, तो जुटाई गई रकम के 300% तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

सीएम की गिरफ्तारी को लेकर अटकलें जरूर हैं, लेकिन कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अभी मामला शुरुआती (एडजुडिकेशन) चरण में है, इसलिए तुरंत गिरफ्तारी की संभावना कम है। नोटिस मिले अधिकारियों को 30 दिन के भीतर जवाब देना होगा, चाहे वे खुद दें या कानूनी प्रतिनिधि के ज़रिए।

ईडी की जांच के दौरान पूर्व वित्त मंत्री डॉ. थॉमस इसाक को दो बार समन भेजा गया था। जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि KIIFB द्वारा जमा किए गए वित्तीय दस्तावेज और सभी प्रक्रियागत मंजूरियों की बारीकी से जांच करने के बाद ही नोटिस जारी किए गए।

ईडी के नोटिस पर सीपीएम ने क्या कहा?

ईडी के नोटिसों के बाद सीपीएम ने इसे चुनावी साजिश और राजनीतिक हमला बताया है। पूर्व वित्त मंत्री टीएम थॉमस इसाक ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये नोटिस पूरी तरह राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं और असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश है। उन्होंने सोमवार मीडिया से कहा कि, ईडी हर चुनाव से पहले मसाला बॉन्ड का मुद्दा उठाती है। 2020 के लोकल बॉडी चुनावों से लेकर अब तक कई बार यही पैटर्न देखने को मिला है।

इसाक के अनुसार, मसाला बॉन्ड जारी करने की मंजूरी आरबीआई ने दी थी, और सारी प्रक्रिया उसी की अनुमति के तहत पूरी की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि बॉन्ड से जुटाई गई रकम से कभी जमीन खरीदी नहीं गई, बल्कि अधिग्रहण किया गया था और आरबीआई ने उस समय जमीन खरीदने की शर्त भी हटा दी थी। उन्होंने कहा कि नोटिस का जवाब देने के लिए कानूनी सलाह ली जाएगी।

सीपीएम के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने भी इसे राजनीतिक खेल बताया। उन्होंने कहा कि ईडी के नोटिस हमेशा चुनावी मौसम में ही आते हैं- चाहे 2020 के पंचायत चुनाव हों, 2021 के विधानसभा चुनाव या फिर 2024 के लोकसभा चुनाव।

गोविंदन के मुताबिक, ये नोटिस सिर्फ मुख्यमंत्री या इसाक के खिलाफ नहीं, बल्कि केरल की जनता के खिलाफ चुनौती है। उन्होंने कहा कि KIIFB ने अब तक राज्य में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य किए हैं, और यही वजह है कि ईडी की कार्रवाई को चुनावी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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