वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार (14 मार्च) को अन्य देशों से मध्य पूर्व युद्ध से बाधित वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को सुरक्षित करने में मदद के लिए जहाज भेजने का आग्रह किया।
ट्रम्प ने कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका जल्द ही जलडमरूमध्य से टैंकरों को एस्कॉर्ट करना शुरू कर देगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि “कई देश, विशेष रूप से वे जो ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के प्रयास से प्रभावित हैं, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ मिलकर जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने के लिए युद्धपोत भेजेंगे।”
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने आगे कहा कि ” उम्मीद है कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देश, जो इस कृत्रिम अवरोध से प्रभावित हैं, इस क्षेत्र में जहाज भेजेंगे। “
यह भी पढ़ें – US-Iran War: ‘खार्ग द्वीप पर सैन्य ठिकाने तबाह’, ट्रंप का दावा; ईरान के लिए क्यों है ये बड़ा झटका
गौरतलब है कि ईरान के हमलों ने जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को लगभग ठप कर दिया है। इस मार्ग से होकर वैश्विक कच्चे तेल और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का पांचवां हिस्सा सामान्यतः गुजरता है। अपने सबसे संकरे बिंदु पर इसकी चौड़ाई मात्र 54 किलोमीटर (34 मील) है।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच तेल की कीमतों में उछाल दर्ज किया जा रहा है। इस बीच शुक्रवार (13 मार्च) को ट्रंप से पूछा गया कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य से टैंकरों को एस्कॉर्ट करना कब शुरू करेगी। उन्होंने कहा, “यह जल्द ही होगा, बहुत जल्द।”
ईरान की सैन्य क्षमता हो चुकी है नष्ट
शनिवार को अपने पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह अभी भी जलडमरूमध्य पर हमला करने में सक्षम है।
ट्रंप ने लिखा, “हमने ईरान की सैन्य क्षमता को शत प्रतिशत नष्ट कर दिया है लेकिन चाहे वे कितने भी बुरी तरह हार चुके हों, उनके लिए एक-दो ड्रोन भेजना, बारूदी सुरंग गिराना या इस जलमार्ग में कहीं भी निकट दूरी की मिसाइल दागना आसान है।”
उन्होंने अन्य देशों से जलडमरूमध्य में जहाज भेजने का आग्रह करते हुए कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका तटरेखा पर जमकर बमबारी करेगा और लगातार ईरानी नौकाओं और जहाजों को नष्ट करता रहेगा। किसी भी तरह से, हम जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला, सुरक्षित और स्वतंत्र बना देंगे!”
गौरतलब है कि ईरान और मिडिल ईस्ट में जारी संकट का असर पूरी दुनिया में देखा जा रहा है। तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है जिससे आम लोग परेशानी का सामना कर रहे हैं। भारत में एलपीजी की आपूर्ति बाधित है जिससे खाने-पीने के सामान की कीमतों में भी बढ़ोतरी भी देखने को मिल रही है।
वहीं, एलपीजी गैस के दाम भी बढ़ रहे हैं और कालाबाजारी की घटनाएं सामने आ रही हैं। गौरतलब है कि ईरान ने शुक्रवार को कुछ भारतीय जहाजों को जाने की स्वीकृति दी थी जिसके बाद भारत का एलपीजी ले जाने वाला जहाज शिवालिक शुक्रवार देर रात होर्मुज ऑफ स्ट्रेट को पार कर गया।
समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, यह जहाज शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का है। इसमें 50,000 टन से ज्यादा एलपीजी ले जाने की क्षमता है।

