वॉशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को युद्ध खत्म करने और उसके परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने के लिए 15 बिंदुओं वाला एक व्यापक प्रस्ताव भेजा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रस्ताव मध्यस्थ देशों के जरिए तेहरान तक पहुंचाया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि ईरान समझौते के लिए तैयार दिख रहा है और डील करना चाहता है।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से बताया गया है कि इस प्रस्ताव में ईरान से उसके तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों- नतांज, इस्फहान और फोर्दो को बंद करने और नष्ट करने की मांग की गई है। साथ ही, ईरान को अपनी जमीन पर यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) पूरी तरह रोकना होगा और अब तक संवर्धित सामग्री को तय समयसीमा के भीतर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को सौंपना होगा।
ईरान युद्ध खत्म करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप के प्लान में और क्या है?
प्रस्ताव में यह भी शर्त रखी गई है कि ईरान कभी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा। इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी को ईरान के भीतर पूरी जानकारी और पहुंच देने की बात कही गई है। बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित करने और बाद में उसकी संख्या व रेंज पर सीमाएं तय करने का भी प्रावधान है। कुल मिलाकर, ईरान की सैन्य क्षमताओं को केवल आत्मरक्षा तक सीमित करने की बात कही गई है।
ये भी पढ़ेंः ट्रंप के ‘शांति समझौते’ और 5 दिन की मोहलत के बीच रिपोर्ट में ईरान के ऊर्जा केंद्रों पर हवाई हमले का दावा
प्रस्ताव में ईरान से उसकी ‘प्रॉक्सी रणनीति’ छोड़ने की मांग की गई है। इसके तहत उसे क्षेत्र में सक्रिय समूहों को फंडिंग और हथियार देना बंद करना होगा। साथ ही, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से खुले और सुरक्षित समुद्री मार्ग के रूप में बनाए रखने की शर्त भी शामिल है।
ईरान पर लगे सभी परमाणु-संबंधी प्रतिबंध हटाने की पेशकश
इन शर्तों के बदले अमेरिका ने ईरान पर लगे सभी परमाणु-संबंधी प्रतिबंध हटाने की पेशकश की है। साथ ही, बुशेहर में बिजली उत्पादन के लिए नागरिक परमाणु कार्यक्रम विकसित करने में मदद देने की बात कही गई है, जिसकी निगरानी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की जाएगी। प्रस्ताव में ‘स्नैपबैक’ मैकेनिज्म खत्म करने का भी जिक्र है, जिसके तहत प्रतिबंध स्वतः फिर से लागू हो सकते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कूटनीतिक पहल में पाकिस्तान एक अहम मध्यस्थ के रूप में उभरा है, जबकि तुर्की और मिस्र भी अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहे हैं।
ये भी पढ़ेंः पश्चिम एशिया में जंग के बीच पहली बार ट्रंप ने लगाया पीएम मोदी को फोन, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने पर चर्चा
हालांकि कूटनीतिक प्रयास तेज हैं, लेकिन जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान क्षेत्र में हमले जारी रखे हुए है, जिनमें इजरायल के अलावा कुवैत, बहरीन और सऊदी अरब भी शामिल हैं।
ट्रंप का दावा- ईरान समझौते को तैयार
इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि वे समझौता करना चाहते हैं और उन्होंने यह भी मान लिया है कि वे कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे।” ट्रंप के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है और सही स्तर पर संवाद हो रहा है।
गौरतलब है कि यह कूटनीतिक पहल ऐसे समय में हो रही है जब संघर्ष चौथे सप्ताह में पहुंच चुका है और सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ आर्थिक दबाव भी लगातार बढ़ रहा है।
ये भी पढ़ेंः डोनाल्ड ट्रंप का यू-टर्न, ईरान पर 5 दिनों के लिए टाला हमला

