वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच पांचवें हफ्ते में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे ईरान के तेल संसाधनों पर कब्जा करना पसंद करेंगे। ट्रंप ने कहा कि ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप (Kharg Island) को अमेरिका अपने नियंत्रण में लेने के विकल्प के तौर पर देख रहा है।
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने वेनेजुएला में हाल में की कार्रवाई से तुलना करते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता ईरान के तेल पर नियंत्रण हासिल करने की होगी। इसी साल वेनेजुएला में अमेरिका ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अपने कब्जे में लेने के बाद वहां के तेल उद्योग पर अपना प्रभाव बनाया है। इसके अलावा ट्रंप ये भी कहा कि ईरान में टॉप लीडरशीप का मारा जाना सत्ता परिवर्तन ही है।
ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा, ‘एक शासन व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई, नष्ट हो गई, उनके सभी लोग मारे गए। अगली शासन व्यवस्था भी लगभग खत्म हो चुकी है, और तीसरी शासन व्यवस्था- हम ऐसे लोगों से निपट रहे हैं जिनसे पहले किसी ने कभी बात नहीं की है…और सच कहूं तो, वे बहुत ही समझदारी दिखा रहे हैं।’ ट्रंप ने कहा, ‘यह सचमुच सत्ता परिवर्तन है… इससे बेहतर और क्या हो सकता है।’
ईरान के खार्ग द्वीप पर कब्जे की धमकी
ट्रंप ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मुझे ईरान का तेल लेना सबसे अच्छा विकल्प लगता है। लेकिन अमेरिका में कुछ बेवकूफ लोग पूछेंगे कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं। लेकिन वे बेवकूफ हैं।’
ट्रंप ने कहा, ‘हो सकता है हम खार्ग द्वीप को कब्जे में ले, हो सकता है नहीं ले। हमारे सामने कई विकल्प हैं…इसका यह भी मतलब है कि हमें वहां (खार्ग द्वीप) कुछ दिनों के लिए रहना होगा।’
ट्रंप की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आईं जब खाड़ी देशों में संघर्ष तेजा होता जा रहा है। क्षेत्र में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का खतरा बढ़ता जा रहा है और कच्चे तेल की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। ये टिप्पणियां वाशिंगटन पोस्ट की उस रिपोर्ट के बाद आईं जिसमें दावा किया गया था कि पेंटागन ईरान में लगभग 10,000 सैनिकों को भेजकर कई हफ्तों तक चलने वाले संभावित जमीनी संघर्ष की तैयारी कर रहा है। पिछले हफ्ते लगभग 3,500 सैनिक, जिनमें 2,200 मरीन शामिल हैं, वहां पहुंच चुके हैं। इसके अलावा 2,200 मरीन और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हजारों और सैनिक रास्ते में हैं।
हालांकि, कई विशेषज्ञों का मानना है ईरान के खिलाफ किसी भी जमीनी कार्रवाई से अमेरिकी सैनिकों को भारी खतरा हो सकता है। इससे युद्ध और लंबा भीखिंच सकता है। खार्ग द्वीप ईरान के तट से 26 किमी दूर है। यह द्वीप ईरान के 90 प्रतिशत तेल निर्यात का प्रबंधन करता है। इस पर कब्जा करने से अमेरिका एक तरह से ईरान के ऊर्जा व्यापार को अपने नियंत्रण में ले लेगा, जिससे तेहरान की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव पड़ेगा।
ट्रंप की धमकी के बीच माना जा रहा है कि तेहरान जहाजों को निशाना बनाने के लिए समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने का विकल्प चुन सकता है। इससे यह क्षेत्र जहाजों के लिए और भी खतरनाक हो जाएगा, जिनका परिचालन पहले से ही संघर्ष के कारण काफी हद तक बाधित हो गया है।
बातचीत के भी संकेत
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है, जिसमें पाकिस्तान के माध्यम से मध्यस्थता की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसी समझौते की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि उन्होंने कोई ठोस समयसीमा बताने से इनकार किया। ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि ईरान समझौते के लिए तय समयसीमा तक सहमत नहीं होता है तो अमेरिका उसकी ऊर्जा संरचना पर और हमले कर सकता है। दूसरी ओर ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका जमीनी हमला करता है, तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा।
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