वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मूज को खोलने की डेडलाइन और 10 दिनों के लिए बढ़ा दी है। ट्रंप ने ये भी कहा कि दोनों पक्षों यानी अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है। ट्रंप ने कहा कि ऐसे में अमेरिका 6 अप्रैल तक ईरान के उर्जा संसाधनों पर हमला नहीं करेगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर गुरुवार को ये घोषणा की।
ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि ये फैसला तेहरान की गुजारिश पर लिया गया है। इस फैसले से ईरान के ऊर्जा अवसंरचनाओं पर अमेरिकी कार्रवाई रूकी रहेगी। हालांकि, क्षेत्र में लड़ाई जारी है। ईरान और लेबनान में हवाई हमले हो रहे हैं। इजराइल की ओर से भी मिसाइल दागे जा रहे हैं। ईरान भी खाड़ी देशों पर हमला जारी रखे हुए है।
ट्रंप बोले- ‘बातचीत बहुत अच्छी हो रही है…’
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में एक बार फिर से यह भी दोहराया कि ईरान समझौता चाहता है। हालांकि दूसरी ओर तेहरान ने अभी तक किसी भी तरह की बातचीत से इनकार ही किया है। इससे पहले ट्रंप ने ईरान के लिए पांच दिनों की डेडलाइन रखी थी।
ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘ईरानी सरकार के अनुरोध के अनुसार…मैं ऊर्जा संयंत्रों को नष्ट करने की अवधि को 10 दिनों के लिए सोमवार, 6 अप्रैल, 2026 को पूर्वी समयानुसार रात 8 बजे तक के लिए स्थगित कर रहा हूँ। बातचीत जारी है… और यह बहुत अच्छी चल रही है।’
‘उन्होंने 7 दिन मांगे थे…मैंने 10 दिया’
सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट के कुछ देर बाद फॉक्स न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान ने विराम के लिए कम अवधि ही मांगी थी। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने सात दिन का अनुरोध किया था। मैंने उन्हें दस दिन का समय दिया।’ उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत ‘काफी अच्छी’ चल रही है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि बातचीत के दौरान ईरान ने तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी। वैसे, ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब इजराइल ने एक हमले में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के नौसेना कमांडर अलीरेजा तंगसिरी को मार गिराने का दावा किया है। जबकि ईरान ने भी पूरे क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखा है।
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बता दें कि वैश्विक तेल शिपमेंट के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले समुद्री रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को धमकियां दी हैं। दुनिया भर में और खासकर एशियाई देशों में गैस और तेल की कमी आने के बाद बढ़ते दबाव के बीच अमेरिका लगातार ईरान को इस रास्ते को पहले की तरह काम करते रहने देने का दबाव बना रहा है। हालांकि, ईरान इसके लिए तैयार नहीं है।
ईरान रख चुका है पांच शर्तें
ट्रंप की धमकियों के बीच ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव के जवाब में पांच-सूत्रीय योजना पेश की है। विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से बताया गया कि तेहरान ने बिचौलियों के जरिए अमेरिका के प्रस्ताव पर अपना औपचारिक पांच-सूत्रीय जवाब भेजा है।
रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी ‘संप्रभुता’ को कानूनी अधिकार के रूप में मान्यता देने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा कि किसी भी समझौते में आगे युद्ध न होने की गारंटी होनी चाहिए। इसके अलावा उसने अपने नेताओं की मौत के अभियान को समाप्त करने, ‘प्रतिरोध समूहों’ को शांति समझौते में शामिल करने और नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की है।
वहीं, अमेरिका की 15-सूत्रीय योजना में होर्मुज स्ट्रेट को खोलना, परमाणु कार्यक्रम समाप्त करना, यूरेनियम भंडार को भी सौंपना, और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम तथा उनके निर्माण की क्षमता को बंद करना शामिल था।
ट्रंप ने इससे पहले कल अपनी एक पोस्ट में कहा था कि ईरान को जल्दी गंभीर होना होगा, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए। उन्होंने कहा कि अगर देर हो गई तो वापसी का कोई रास्ता नहीं होगा और हालात अच्छे नहीं होंगे। उन्होंने ईरानी वार्ताकारों को ‘बहुत अलग और अजीब’ भी बताया था और दावा किया कि वे समझौते के लिए भीख मांग रहे हैं।
(समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)
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