नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सबसे पहले इसकी जानकारी देते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने ‘मध्य पूर्व में चल रही स्थिति पर चर्चा की, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने का महत्व भी शामिल है।’
ईरान के खिलाफ इजराइल और अमेरिका की जंग के दौरान यह पहली बार है जब ट्रंप और पीएम मोदी के बीच बातचीत हुई है। दोनों ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। इस बातचीत में खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और खुला नौवहन बनाए रखने पर जोर दिया गया। दरअसल, यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम रूट है और हालिया संघर्ष के चलते यह काफी प्रभावित हुआ है।
पीएम मोदी ने क्या बताया?
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप से फोन पर बातचीत के बाद एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप से फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का उपयोगी आदान-प्रदान हुआ। भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है। होर्मुज जलडमरूमध्य का खुला, सुरक्षित और सुलभ रहना विश्व के लिए आवश्यक है। हमने शांति और स्थिरता के प्रयासों के लिए संपर्क में रहने पर सहमति जताई।’
वहीं, सर्जियो गोर ने एक्स पर अपने पोस्ट में बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से बात की। उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे हालात पर चर्चा की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की अहमियत भी शामिल थी।
यह भी पढ़ें- कोरोना के दौरान भी हम ऐसी चुनौती का सामना कर चुके हैं, हमें फिर से तैयार रहने की जरूरत: पीएम मोदी
ट्रंप और मोदी के बीच यह बातचीत अमेरिकी राष्ट्रपति के उस दावे के एक दिन बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि मध्य पूर्व में तनाव खत्म करने संबंध में तेहरान के साथ उनकी ‘बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत’ हुई है। ट्रंप ने ये भी कहा कि उन्होंने बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए ईरानी बिजली संयंत्रों और ऊर्जा अवसंरचना पर किसी भी नियोजित अमेरिकी सैन्य हमले को पांच दिनों के लिए स्थगित करने का आदेश दिया है। हालांकि, ईरान ने कुछ ही घंटे बाद ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा था कि कोई बातचीत नहीं हुई है।
भारत पर भी जंग का दिख रहा असर
पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध का असर भारत पर भी दिख रहा है। ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट में हमले और ब्लॉकेज की वजह से वैश्विक तेल-गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत इस क्षेत्र से 60 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल और गैस आयात करता है, इसलिए संकट सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है।
पीएम मोदी ने इस विषय पर सोमवार को लोकसभा और मंगलवार को राज्यसभा में संसद को संबोधित करते हुए इस संकट को चिंताजनक बताया था। पीएम मोदी ने कहा कि भारत सभी पक्षों (ईरान, इजराइल, अमेरिका और गल्फ देशों) से लगातार संपर्क में है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत तनाव कम करने और संवाद को बहाल करने के पक्ष में है।
यह भी पढ़ें- ट्रंप के ‘शांति समझौते’ और 5 दिन की मोहलत के बीच रिपोर्ट में ईरान के ऊर्जा केंद्रों पर हवाई हमले का दावा

