नई दिल्लीः उत्तम नगर के मटियाला इलाके में बुधवार देर रात एक भीषण आग लगने की घटना सामने आई, जिसने देखते ही देखते इलाके की करीब 400 झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 11 बजे मटियाला की मच्छी मार्किट के पास बनी झुग्गियों में अचानक आग लग गई और कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया। आग इतनी तेज थी कि उसकी लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दे रहा था और आसमान लाल नजर आने लगा। आसपास रहने वाले लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले कुछ झुग्गियों से धुआं उठता दिखाई दिया, लेकिन थोड़ी ही देर में आग तेजी से फैलने लगी। झुग्गियां एक-दूसरे के काफी करीब होने के कारण आग ने तेजी से कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए तुरंत झुग्गियों से बाहर निकलना शुरू कर दिया। कई लोग अपने जरूरी सामान भी नहीं निकाल पाए और देखते ही देखते सब जलकर राख हो गया।
आग लगने की सूचना रात 11 बजकर 54 मिनट पर फायर कंट्रोल रूम को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचनी शुरू हो गईं। आग की भयावहता को देखते हुए करीब 25 दमकल गाड़ियों को मौके पर लगाया गया। दमकल कर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार तड़के करीब 3 बजकर 25 मिनट पर आग पर काबू पा लिया।
बताया जा रहा है कि इस भीषण आग में करीब 400 झुग्गियां जलकर पूरी तरह खाक हो गईं। आग इतनी भयानक थी कि कई परिवारों का सारा सामान जल गया और वे बेघर हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी जनहानि की खबर नहीं आई है।
पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस के मुताबिक आग लगने के कारणों की अभी पुष्टि नहीं हो सकी है और मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि जहां आग लगी है, वह इलाका उस जगह से कुछ किलोमीटर दूर है, जहां इसी महीने की शुरुआत में होली के दौरान 26 वर्षीय युवक की हत्या के बाद तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी।
दरअसल, 4 मार्च को उत्तम नगर के जेजे कॉलोनी इलाके में 26 वर्षीय तरुण की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, होली के दिन पानी से भरे गुब्बारे को लेकर दो परिवारों के बीच विवाद शुरू हुआ था।
बताया गया कि तरुण के परिवार की एक लड़की द्वारा फेंके गए गुब्बारे का पानी पड़ोसी घर की एक महिला पर गिर गया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना के बाद इलाके में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं, जिसके चलते प्रशासन को अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा और सुरक्षा कड़ी करनी पड़ी।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में अब तक 16 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें 14 वयस्क शामिल हैं, जिनमें तीन महिलाएं भी हैं, जबकि दो आरोपी नाबालिग हैं।
इस बीच दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही उस अफवाह को भी खारिज किया है, जिसमें हत्या के मामले से जुड़े एक नाबालिग के लापता होने का दावा किया जा रहा था।
द्वारका के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) कुशल पाल सिंह ने कहा कि यह पूरी तरह गलत जानकारी है। उन्होंने बताया कि नाबालिग को 5 मार्च को ही हिरासत में लेकर किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया था और कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया गया है।
डीसीपी ने चेतावनी दी कि झूठी अफवाहें फैलाना अपराध है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारी पर नजर रखी जा रही है और ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में हत्या से संबंधित धाराओं के साथ-साथ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी कड़ी धाराएं लगाई गई हैं।
–आईएएनएस इनपुट के साथ

