Friday, March 20, 2026
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दिल्ली के उत्तम नगर में होली पर युवक की मौत के बाद भारी बवाल; गाड़ियां जलाईं, सड़कें हुईं जाम

दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में युवक की मौत के बाद भारी बवाल हो गया है। इस दौरान सड़कें जाम हुईं और गाड़ियां भी जलाई गईं।

दिल्लीः दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में 4 मार्च (बुधवार) को होली खेलने के दौरान हुए विवाद में 26 वर्षीय युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। होली खेलने के दौरान पड़ोसियों से झड़प हुई और विवाद इतना बढ़ा कि यह हिंसा में तब्दील हो गया और युवक की मौत हो गई।

इस बीच परिवार गहरे सदमे से गुजर रहा है, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों द्वारा बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहा है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस सूत्रों के हवाले से लिखा कि बीते शुक्रवार को हुए प्रदर्शन के दौरान कई घंटों तक ट्रैफिक जाम रहा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक कार और एक मोटरसाइकिल में भी आग लगा दी।

बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने किया प्रदर्शन

बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों ने उत्तर नगर पूर्व मेट्रो स्टेशन के नीचे प्रदर्शन किया। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारी तरुण की हत्या में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

तरुण की मौत दो परिवारों के बीच हुए विवाद के बाद हो गई। कहा जा रहा है कि दोनों परिवार अलग-अलग समुदाय से हैं। मृतक के परिवार का आरोप है कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब जेजे कॉलोनी में एक घर की छत से होली खेल रही 11 वर्षीय लड़की ने नीचे खड़े अपने रिश्तेदारों पर गुब्बार फेंक दिया।

हालांकि, रंगों से भरा यह गुब्बारा एक महिला के ऊपर जा लगा जिससे दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मौखिक विवाद हुआ जो हिंसक हो गया और कई लोग घायल हो गए।

तरुण के दादा मान सिंह ने बताया कि रंग फेंके जाने के बाद महिला ने गाली-गलौज शुरू कर दी और झगड़ा करने लगी। हमले में परिवार के कई सदस्य घायल हुए, जिनमें सिंह भी शामिल थे। तरुण गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पीड़ित परिवार ने क्या कहा?

सिंह ने बताया कि शुरुआत में मामला सुलझ गया था लेकिन महिला ने अपने परिवार और समुदाय के लोगों को इकट्ठा किया और होली खेलते समय उन पर हमला कर दिया। तरुण पर हमला तब हुआ जब वह घर लौट रहा था उसके दादा ने बताया। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, उसके चाचा रमेश ने दावा किया कि उन्हें इस विवाद की कोई जानकारी नहीं थी।

रमेश ने बताया कि “जैसे ही वह गली में दाखिल हुआ, करीब आठ से दस लोगों ने उस पर लाठियों, छड़ों और पत्थरों से हमला कर दिया। मेरे भतीजे को लड़ाई के बारे में कोई जानकारी नहीं थी फिर भी उस पर हमला किया गया। उन्होंने उसे इतनी बुरी तरह पीटा कि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।”

तरुण की मौत से गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन शुरू किया जिसमें स्थानीय लोग भी शामिल हुए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुरुवार और शुक्रवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए और कई घंटों तक पुलिस स्टेशन का घेराव किया।

पुलिस ने अब तक हत्या के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। पुलिस ने बताया कि वे घटनाक्रम का सटीक पता लगाने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं और चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रहे हैं।

अमरेन्द्र यादव
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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