नई दिल्लीः दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी के आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण, जो शनिवार, 13 दिसंबर को ही ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया था। रविवार, 14 दिसंबर को और भी बदतर हो गया क्योंकि जहरीले धुएं की एक मोटी परत ने शहर और अन्य क्षेत्रों को ढक लिया, जिससे वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर तक पहुंच गई और कई क्षेत्रों में दृश्यता बुरी तरह प्रभावित हुई। दिल्ली एनसीआर के कई इलाकों में एक्यूआई 500 के करीब पहुंच गया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सुबह 7 बजे बढ़कर 461 हो गया जो एक दिन पहले 431 था।
गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई गुणवत्ता
शहर भर में स्थित सभी 40 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों ने ‘गंभीर’ श्रेणी में रीडिंग दर्ज की जिनमें से कई स्थानों पर मापी जा सकने वाली अधिकतम सीमा के करीब पहुंच गई। रोहिणी में AQI 499 दर्ज किया गया। इसके बाद बवाना में 498, विवेक विहार में 495, अशोक विहार और वजीरपुर में 493, नरेला में 492 और आनंद विहार में 491 दर्ज किया गया।
इसके अलावा राजधानी के अन्य इलाकों में भी भारी प्रदूषण दर्ज किया गया जिसमें आईटीओ 485, मुंडका, 486, पंजाबी बाग 478 और नेहरू नगर 476, चांदनी चौक और ओखला में 470 है।
वहीं, तुलनात्मक रूप से हरे-भरे इलाकों जैसे लोथी रोड और नजफगढ़ में भी एक्यूआई 400 और 408 दर्ज किया गया।
वायु गुणवत्ता का संकट पूरी राजधानी के साथ-साथ एनसीआर के शहरों में भी बढ़ गया है और चौंकाने वाले स्तर पर पहुंच गया है। नोएडा में एक्यूआई 470 दर्ज किया गया जो ‘गंभीर’ श्रेणी को दर्शाता है। वहीं गाजियाबाद में एक्यूआई 460 दर्ज किया गया। इसी तरह गुरुग्राम की वायु गुणवत्ता 348 जो कि ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आती है। फरीदाबाद में हालांकि एक्यूआई कुछ कम दर्ज किया गया, जहां का एक्यूआई 220 दर्ज किया है जो कि ‘खराब’ श्रेणी में है।
प्रदूषण की स्थिति गंभीर
प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति सुबह से ही स्पष्ट दिखाई देने लगी थी, क्योंकि घने कोहरे और धुंध ने दिल्ली के बड़े हिस्से को घेर लिया था, जिससे दृश्यता में भारी कमी आई थी।
कुछ क्षेत्रों में दृश्यता लगभग शून्य तक गिर गई, जिससे सुबह के समय आवागमन बाधित हुआ और अधिकारियों को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कम दृश्यता संबंधी प्रक्रियाओं को सक्रिय करना पड़ा। हालांकि उड़ानें जारी रहीं, अधिकारियों ने बताया कि दृश्यता की बदलती परिस्थितियों के कारण पायलट एहतियाती प्रोटोकॉल का पालन कर रहे थे।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, रविवार की सुबह तड़के आईजीआई हवाई अड्डे पर घने कोहरे के कारण दृश्यता घटकर 100 मीटर तक रह सकती है, हालांकि दिन में बाद में हल्की धुंध के साथ दृश्यता बढ़कर लगभग 800 मीटर हो जाएगी।
आईएमडी के पूर्वानुमान में 14 दिसंबर की सुबह दिल्ली के कई स्थानों पर मध्यम से घने कोहरे की चेतावनी दी गई थी, और अगले दिनों में भी हल्की से मध्यम धुंध छाए रहने की संभावना है।
दिल्ली-एनसीआर में गहराते वायु संकट के बीच सरकार ने ग्रैप-4 के तहत पाबंदियां लागू की हैं।

