नई दिल्लीः दिल्ली नगर निगम उपचुनाव के नतीजे बुधवार, 3 दिसंबर को जारी किए गए। इसमें सत्तारूढ़ भाजपा को 12 में से 7 वार्डों पर जीत मिली है। भाजपा के मजबूत प्रदर्शन के बावजूद पार्टी को पहले के दो वार्डों पर हार का सामना करना पड़ा है।
दिल्ली नगर निगम उपचुनाव के लिए वोटिंग 30 नवंबर को हुई थी और इसकी गणना आज की गई। चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, आम आदमी पार्टी को 3 वार्ड में जीत मिली है। वहीं कांग्रेस और ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक को भी एक-एक वार्ड पर जीत मिली है।
भाजपा के लिए लिटमस टेस्ट थे ये चुनाव
नगर निगम के उपचुनाव भाजपा के लिए लिटमस टेस्ट के रूप में देखे जा रहे थे क्योंकि फरवरी में पार्टी में विधानसभा चुनाव में बंपर जीत हासिल की थी।
12 वार्डों पर हुए उपचुनाव में भाजपा का 9 पर कब्जा था जबकि 3 पर आम आदमी पार्टी का।
दिल्ली की सत्ता पर काबिज भाजपा को नारायणा और संगम विहार ए वार्डों में हार का सामना करना पड़ा। नारायणा में आम आदमी पार्टी के राजन अरोड़ा को सिर्फ 148 वोटों से जीत मिली जबकि संगम विहार ए से कांग्रेस के सुरेश चौधरी ने भाजपा के सुभजीत गौतम को 12,776 वोटों से हराया। गौतम को सिर्फ 9,138 वोट मिले।
इसके अलावा आम आदमी पार्टी मुंडका और दक्षिणपुरी सीट पर भी जीत मिली है। मुंडका सीट में अनिल ने 1,577 वोटों से जीत दर्ज की जबकि दक्षिणपुरी से राम स्वरूप कनौजिया ने 2,262 सीटों पर जीत दर्ज की।
इस बीच भाजपा के सुमन कुमार गुप्ता ने आप उम्मीदवार हर्ष शर्मा को 1,182 वोटों से मात दी। पार्टी ने शालीमार बाग बी वार्ड से भी जीत दर्ज की। यहां पर अनीता जैन ने आम आदमी पार्टी की बबीता राणा को 10 हजार से अधिक मतों से हराया।
रेखा गुप्ता के सीएम बनने के बाद खाली हुई थी सीट
शालीमार बाग बी सीट रेखा गुप्ता के मुख्यमंत्री बनने के बाद खाली हुई थी। अशोक विहार वार्ड में भाजपा की वीणा असीजा और आप की सीमा गोयल के बीच कड़ी टक्कर थी लेकिन अंततः वीणा को 405 वोटों से जीत हासिल हुई।
भाजपा ने डिचांव कलां, ग्रेटर कैलाश और द्वारका-बी वार्डों पर भी जीत हासिल की। द्वारका-बी वार्ड कमलजीत सहरावत के सांसद बनने के बाद खाली हुई थी। इस सीट पर मनीषा रानी ने आप की राज बाला को 9,100 वोटों से मात दी।
चांदनी महल में ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के मोहम्मद इमरान ने आप उम्मीदवार मुदस्सर उस्मान को मात दी। इमरान ने 4,692 वोटों से जीत दर्ज की।
30 नवंबर को हुए उपचुनाव में 38.51 फीसदी वोटिंग हुई थी जो कि 2022 के एमसीडी चुनावों 50.47 फीसदी से काफी कम है।

