नई दिल्लीः राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच दिल्ली सरकार ने सोमवार, 24 नवंबर को एक आदेश जारी किया जिसके तहत दिल्ली के सभी सरकारी और निजी संस्थानों में 50 फीसदी कर्मचारियों को कार्यालय और शेष को वर्क फ्राम होम दिया गया है।
दिल्ली सरकार के वन और पर्यावरण विभाग ने जारी आदेश में कहा कि “दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र संचालित सभी निजी कार्यालय 50 फीसदी से अधिक कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ संचालित होंगे। शेष कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से घर से काम करना होगा।”
दिल्ली सरकार ने क्या आदेश जारी किया?
सरकार के आदेश में निजी कार्यालयों से भी आग्रह किया है कि जहां तक संभव हो अलग-अलग कार्य समय लागू करें। घर से काम करने के मानदंडों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और कार्यालय आने-जाने के दौरान वाहनों की आवाजाही को कम करें।
सरकार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, अस्पतालों, निजी और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं, अग्निशमन सेवाओं, सार्वजनिक परिवहन, बिजली, पानी, स्वच्छता और अन्य जरूरी या आपातकालीन सेवाओं को हालांकि इन निर्देशों में छूट दी गई है।
गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। इसको लेकर रविवार, 23 नवंबर को राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन भी हुआ था।
इससे पहले भी इस मुद्दे पर प्रदर्शन हुआ था। बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए एम्स के श्वास रोग विशेषज्ञ ने लोगों को सुझाव दिया था कि सक्षम लोग दिल्ली छोड़ दें। उन्होंने कहा था कि जो लोग सक्षम हैं वह 15 दिसंबर तक दिल्ली से बाहर जा सकते हैं।
वायु गुणवत्ता सूचकांक निचले स्तर पर
वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार निचले स्तर पर है। सोमवार, 24 नवंबर को दिल्ली के 11 केंद्रों पर यह 400 पार दर्ज किया गया है जो कि ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी को दर्शाता है। वहीं, बीते 24 घंटे का औसत देखा जाए तो यह 382 है। आने वाले दिनों में भी हवा की स्थिति ऐसी ही बनी रहने की संभावना है।
प्रदूषण स्तर को कम करने के लिए दिल्ली में ग्रैप-3 लागू है। वहीं, इसमें ग्रैप-4 के कुछ उपाय भी जोड़े गए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, मंगलवार को मध्यम कोहरे का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।
दिल्ली समेत आसपास के जिलों में लगातार धुंध की परत छाई रहती है जिससे विजिबिलिटी कम होती है। इसके साथ ही स्वास्थ्य को भी गंभीर नुकसान होता है। घने प्रदूषण की वजह से लोगों को श्वास और दिल संबंधी बीमारियों का खतरा होता है।
वायु गुणवत्ता के बेहद खराब श्रेणी में होने के चलते दिल्ली हाई कोर्ट ने खेल गतिविधियों पर रोक लगाई है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने खेल गतिविधियों को जारी रखने के दौरान कहा था कि बच्चों को गैंस चैंबर में डाल रहे हैं।

