Friday, March 20, 2026
HomeभारतAI समिट में प्रदर्शन करने वाले 9 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जमानत,...

AI समिट में प्रदर्शन करने वाले 9 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जमानत, कोर्ट ने कहा- ये बस ‘राजनीतिक असहमति’ थी

पिछले महीने दिल्ली के भारत मंडपम में एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने विरोध-प्रदर्शन किया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने मामले में 14 गिरफ्तारियां की है। कोर्ट ने 9 को जमानत दे दी है।

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने रविवार शाम को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) के नौ कार्यकर्ताओं को जमानत दे दी। पटियाला हाउस कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (जेएमएफसी) रवि ने कृष्णा हरि, नरसिम्हा यादव, कुंदन कुमार यादव, अजय कुमार सिंह, जितेंद्र सिंह यादव, राजा गुर्जर, अजय कुमार विमल उर्फ ​​बंतू, सौरभ सिंह और अरबाज खान को रिहा करने का आदेश दिया।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार विस्तृत आदेश में जज ने कहा कि यूथ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन ‘राजनीतिक असहमति’ था, न कि ‘बार-बार की जाने वाली हिंसा या संगठित अपराध।’

कोर्ट ने कहा, ‘यह विरोध प्रदर्शन, अधिक से अधिक, एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान प्रतीकात्मक राजनीतिक आलोचना थी। संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या डेलिगेट्स में दहशत फैलने का कोई सबूत नहीं है, सुरक्षाकर्मियों के साथ व्यवस्थित रूप से बाहर निकलना हुआ।’

जज रवि ने आगे कहा कि बिना किसी जांच की आवश्यकता के लंबे समय तक विचाराधीन हिरासत में रखना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है।

पुलिस ने 14 आरोपियों को किया था गिरफ्तार

पुलिस ने अब तक इस मामले में 14 गिरफ्तारियां की हैं और उन पर सुरक्षा भंग करने और घटनास्थल पर कथित तौर पर ‘राष्ट्र-विरोधी’ नारे लगाने का आरोप लगाया है।

गौरतलब है कि पिछले महीने दिल्ली के भारत मंडपम में एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने विरोध-प्रदर्शन किया था। इनमें से कुछ ने अपनी कमीजें उतारकर ऐसी टी-शर्टें दिखाईं जिन पर ‘प्रधानमंत्री समझौता कर चुके हैं’ जैसे नारे और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की आलोचना लिखी थी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी हुई।

कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान जमानत का विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपियों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों ने एक महत्वपूर्ण वैश्विक आयोजन को बाधित करके राष्ट्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और राष्ट्रीय अखंडता के लिए खतरा पैदा किया। यह भी कहा गया कि जांच अभी जारी है और आरोपियों द्वारा सबूतों के साथ छेड़छाड़ का खतरा बना हुआ है।

हालांकि, कार्यकर्ताओं की ओर से पेश हुए वकीलों ने तर्क दिया कि सभी कथित अपराधों के लिए सात साल से कम की सजा का प्रावधान है, जहां जमानत मिलना आम बात है। बताया गया कि यह विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण, प्रतीकात्मक राजनीतिक असहमति थी जिसमें कोई हिंसा, तोड़फोड़ या धमकी नहीं थी, और संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) और 19(1)(b) के तहत संरक्षित है। मामले पर विचार करने के बाद, कोर्ट ने 9 कार्यकर्ताओं को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

एआई समिट के दौरान प्रदर्शन किए जाने का मामला पिछले दिनों खासा सुर्खियों में रहा था और इसे लेकर राजनीतिय बयानबाजी भी खूब देखने को मिली थी। भाजपा ने जहां इसे कांग्रेस का ‘राष्ट्र विरोधी’ कदम बताया था, वहीं विपक्षी पार्टी ने प्रदर्शन करने को संवैधानिक अधिकार बताया था। दूसरी ओर राजद, सपा जैसी कुछ विपक्षी पार्टियों ने अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में कांग्रेस की ओर से किए गए ऐसे प्रदर्शन को गैरजरूरी बताया था।

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments