गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। सूत्रों के मुताबिक, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने इस्तीफा दे दिया है। बोराह ने अपने इस फैसले के लिए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की मनमानी को जिम्मेदार ठहराया है। अहम बात ये भी है कि यह घटनाक्रम प्रियंका गांधी के असम दौरे से कुछ ही दिन पहले सामने आया है। असम में चुनाव मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है।
न्यूज-18 वेबसाइट की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि बोराह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना त्यागपत्र भेजा है। उन्होंने राहुल गांधी को भी पत्र लिखा है। अपने पत्र में बोरा ने कहा है कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उनकी उपेक्षा की जा रही है और राज्य इकाई में उन्हें उचित स्थान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी के राज्य में कामकाज के बारे में हाईकमान को सूचित किया था और इस स्थिति से उनके आत्मसम्मान और गरिमा को ठेस पहुंची है।
गौरव गोगोई हैं इस्तीफे की वजह?
सूत्रों के अनुसार बोरा ने अपने इस फैसले के लिए गौरव गोगोई की नीतियों, मनमानी रवैया और पक्षपात को जिम्मेदार ठहराया। बोरा 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस के अध्यक्ष रहे और पिछले साल गोगोई ने उनकी जगह ली थी। बोरा असम में दो बार विधायक रह चुके हैं।
माना जा रहा था कि इस बार वे नवगठित रोंगोनाडी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं। विपक्षी दलों के साथ गठबंधन बनाने के लिए उनकी बातचीत की भी संभावना थी।
भूपेन बोरा भाजपा में शामिल होंगे?
बोरा, जो पहले असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं, राज्य में कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं। उनका इस्तीफा कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर ‘अपर असम’ में, जहां उनका काफी प्रभाव है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उम्मीदवारों की घोषणा से काफी पहले उनके इस्तीफे का समय एक सोचा-समझा कदम है, जो कांग्रेस के भीतर बढ़ती आंतरिक असंतोष को भी दर्शाता है।
सूत्रों के मुताबिक, बोरा आने वाले दिनों में औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी 20 फरवरी को असम के दौरे पर होंगे। संभव है कि शाह की मौजूदगी में बोरा भाजपा की सदस्यता हासिल करेंगे। बोरा के आगामी विधानसभा चुनाव में रोंगोनाडी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
दिलचस्प ये भी है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बोरा के कांग्रेस छोड़ने के फैसले का सार्वजनिक रूप से स्वागत करते हुए कहा कि विकास और सशक्त शासन में विश्वास रखने वाले नेताओं के लिए भाजपा के दरवाजे खुले हैं। सरमा ने यह भी आश्वासन दिया कि अगर बोरा भाजपा में शामिल होते हैं तो पार्टी रोंगोनाडी से उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरा समर्थन देगी। यह स्पष्ट संकेत है कि भाजपा नेतृत्व उन्हें अपनी चुनावी रणनीति में शामिल करने को तैयार है।
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