पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द अपना इस्तीफा दे सकते हैं। सूत्रों के हवाले से आई खबरों के मुताबिक नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने की तैयारी है और इस पर सहमति लगभग बन गई है। नीतीश कुमार आज राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं। पिछले साल नवंबर में बिहार चुनाव में एनडीए की भारी जीत के बाद जब नीतीश कुमार ने सीएम पद की शपथ ली थी, उससे पहले भी नीतीश को सीएम बनाए रखने को लेकर कुछ चर्चाएं चली थी। साथ ही उनका बिगड़ता स्वास्थ्य भी सुर्खियों में रहा था। बहरहाल, अब उनके इस्तीफे की राह साफ होती दिख रही है।
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार अचानक हुए घटनाक्रम में भाजपा और सहयोगी जेडीयू के नेताओं ने कहा कि नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं, जिससे राज्य में जेडीयू या भाजपा के नए मुख्यमंत्री के लिए रास्ता साफ हो जाएगा। सूत्रों ने संकेत दिया कि अगले मुख्यमंत्री भाजपा से बनेंगे। हालांकि, इसे लेकर फिलहाल कुछ भी स्पष्ट नहीं है।
ऐसी भी कुछ खबरें आई हैं कि बुधवार देर रात तक जेडीयू के कुछ वरिष्ठ नेता और नीतीश के परिवार के सदस्य मुख्यमंत्री के आवास पर उन्हें पद छोड़ने से रोकने की कोशिश कर रहे थे। जदयू नेता और बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा, ‘नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा चल रही है। लेकिन अंतिम फैसला उन्हें ही लेना है… पार्टी कार्यकर्ताओं की इच्छा के अनुसार निशांत जल्द ही राजनीति में शामिल हो रहे हैं।’
अमित शाह पहुंच रहे बिहार!
बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को पटना में भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन के नामांकन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए जा सकते हैं, जिन्हें बिहार से राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया गया है। हालांकि भाजपा या जदयू की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, सूत्रों के अनुसार नीतीश ने राज्यसभा नामांकन के लिए सहमति जता दी हैं।
पिछले नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 243 में से 202 सीटें जीतीं। भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी रही, जबकि जदयू को 85 सीटें मिलीं, जो पिछले चुनाव से 42 सीट ज्यादा थी। इस बढ़त का श्रेय नीतीश कुमार को दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार के बिगड़ते स्वास्थ्य ने भी पार्टी नेतृत्व को यह निर्णय लेने के लिए ‘मजबूर’ किया। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार एक सूत्र ने बताया, ‘मुख्यमंत्री गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं और आम धारणा यह है कि बिहार में अब नौकरशाही ही सत्ता चला रही है।’
भाजपा के एक नेता ने स्वीकार किया कि चुनाव के महज तीन महीने बाद इस समय नीतीश का पद छोड़ना ‘दृष्टिकोण के लिहाज से ठीक नहीं’ है, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि यह एनडीए और राज्य सरकार दोनों के लिए ‘लाभदायक’ है। उन्होंने कहा, ‘राज्य सरकार के पास लगभग पांच साल हैं और हमारे पास लोकसभा के लिए तीन साल हैं… हमें एक बहुत ही जवाबदेह सरकार की जरूरत है। सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया सुचारू रूप से होगी।’
बिहार में सियासी हलचल
बहरहाल, बिहार में सियासी हलचल के बीच विपक्ष की भी प्रतिक्रिया आई है। आरजेडी सांसद मनोज झा ने बुधवार को कहा, ‘यह रात जेडीयू के लिए भारी होने वाली है। पहली बात तो यह है कि मुझे ऐसा होता हुआ नहीं दिख रहा। अगर ऐसा हुआ तो यह वेनेजुएला के राष्ट्रपति के अपहरण जैसा होगा।’
वहीं, एनडीए के सूत्रों के अनुसार उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल और पटना के दीघा से भाजपा विधायक संजीव चौरसिया संभावित मुख्यमंत्री उम्मीदवारों में शामिल हैं।
दूसरी ओर जदयू के पास विजय कुमार चौधरी और नीतीश के बेटे निशांत कुमार के रूप में दो उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय भी मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी पेश कर सकते हैं।

