प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमिलनाडु दौरे के बाद सूबे के मुखिया एमके स्टालिन ने सोमवार को भाजपा पर जोरदार हमला बोला। चेन्नई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाला विधानसभा चुनाव एनडीए बनाम तमिलनाडु होगा। उन्होंने यहां तक कहा कि उनकी सरकार ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे केंद्र सरकार के दबाव और बाधाओं के बावजूद हासिल की गईं।
स्टालिन ने अपनी सरकार के ‘द्रविड़ियन मॉडल’ को प्रगतिशील विकास का मॉडल बताया और भाजपा की विचारधारा को हिंसा, नफरत भरे भाषण और प्रतिगामी सोच का मिश्रण करार दिया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु आज देश में आर्थिक प्रदर्शन के मामले में नंबर वन है। इतना ही नहीं, दो अंकों की विकास दर हासिल करने वाला यह देश का इकलौता राज्य है। मानव विकास सूचकांक में भी तमिलनाडु शीर्ष पर है। यह मेरे लिए गर्व की बात है।”
स्टालिन ने भाजपा शासित राज्यों की तुलना तमिलनाडु से करते हुए चुनौती दी कि क्या कोई भी ‘डबल इंजन’ सरकार ऐसा विकास दिखा सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये सभी रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धियां केंद्र सरकार के सहयोग के बिना और उनके द्वारा खड़ी की गई बाधाओं के बावजूद हासिल की गई हैं।
स्टालिन ने याद दिलाया कि 2021 में सत्ता संभालते वक्त उन्होंने दस साल का विजन पेश किया था। उन्होंने कहा कि सरकार उम्मीद से ज्यादा तेजी से काम कर रही है और अगले पांच साल भी उसी मिशन मोड में काम जारी रहेगा। उन्होंने संकेत दिया कि ‘द्रविड़ियन मॉडल 2.0’ के तहत उनकी सरकार अपने ही रिकॉर्ड तोड़ने का लक्ष्य रखेगी।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मदुरवॉयल सड़क परियोजना में देरी के आरोपों पर पलटवार करते हुए स्टालिन ने इसका दोष एआईएडीएमके सरकार पर मढ़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि एआईएडीएमके जब सत्ता में थी, तब अदालत में स्थगन आदेशों के कारण परियोजना में देरी हुई। स्टालिन ने कहा कि उनकी सरकार ने पद संभालने के बाद केंद्र के साथ समन्वय कर मंजूरी ली और अब काम आगे बढ़ रहा है।
एआईएडीएमके-एनडीए गठबंधन पर तंज
स्टालिन ने भाजपा और एआईएडीएमके के गठबंधन पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि स्टेज पर एडप्पाडी के. पलानीस्वामी एआईएडीएमके के नेता के रूप में मौजूद थे, जबकि पीएम मोदी एनडीए सरकार बनाने की बात कर रहे थे। यह किसी ‘कॉमेडी’ से कम नहीं है क्योंकि उनके गठबंधन को खुद नहीं पता कि नेतृत्व कौन कर रहा है।”
इससे पहले एआईएडीएमके नेता एडप्पाडी एक सभा में डीएमके पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने अभी तक अपना चुनाव अभियान प्रभावी ढंग से शुरू नहीं किया है और वह जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री स्टालिन से राज्य के विकास कार्यों को लेकर सीधे सवाल भी पूछे।
पलानीस्वामी ने कहा कि स्टालिन स्पष्ट करें कि उनकी सरकार ने तमिलनाडु के लिए अब तक कितनी धनराशि जुटाई है और कौन-कौन सी बड़ी परियोजनाएं लागू की हैं। उनका दावा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
डीएमके के केंद्र सरकार के साथ पुराने गठबंधन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी करीब 15 वर्षों तक केंद्र की सत्ता में भागीदार रही। “उस दौरान तमिलनाडु को क्या ठोस लाभ मिला?” उन्होंने सवाल उठाया। पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि डीएमके भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुकी है और यह देश की एकमात्र ऐसी सरकार रही है जिसे भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते बर्खास्त किया गया।
उन्होंने डीएमके पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से आगामी चुनाव में उसे सत्ता से बाहर करने की अपील की। उन्होंने कहा कि परिवारवाद खत्म होना चाहिए। हमारा लक्ष्य इस भ्रष्ट और जनविरोधी सरकार को हटाना है।
पीएम मोदी ने तमिलनाडु में क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार तमिलनाडु दौरे पर थे। उन्होंने यहां 4,400 करोड़ रुपए से ज्यादा के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। साथ ही तमिलनाडु में ही आठ नए बने अमृत भारत रेलवे स्टेशनों, तीन नए आकाशवाणी एफएम रिले ट्रांसमीटर का उद्घाटन किया। इसके बाद एक जनसभा को संबोधित किया और सत्तारूढ़ पार्टी पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि हाल ही में मैंने सुना कि डीएमके के एक नेता ने कहा कि उन्हें न तो मेरे पिता से डर लगता है और न मुझसे। मैं साफ करना चाहता हूं कि लोकतंत्र में डर की कोई जगह नहीं होती। यहां विचारों का मुकाबला होता है, व्यक्तियों का नहीं। इसलिए अगर कोई कहता है कि उसे मुझसे डर नहीं है, तो मैं इसे आलोचना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति मेरी प्रतिबद्धता की स्वीकृति मानता हूं।
आज तमिलनाडु की महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। अपराध के मामले बढ़ रहे हैं और लगभग हर दूसरे दिन महिलाओं के खिलाफ किसी न किसी वारदात की खबर सामने आती है। इसके साथ ही, कई परिवार नशे और शराब की समस्या से जूझ रहे हैं। महिलाओं को लग रहा है कि उनके घर-परिवार पर इसका गहरा असर पड़ रहा है। उन्हें याद आता है कि अम्मा के समय उनका जीवन कितना बेहतर था।
गौरतलब है कि 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा के लिए चुनाव 2026 की पहली छमाही में होने हैं। स्टालिन ने अपने भाषण का समापन करते हुए कहा, “इस चुनाव में मुकाबला तमिलनाडु बनाम दिल्ली का है, और इसमें जीत तमिलनाडु की होगी।”

