ताइपेः चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में अपने देश की तकनीकी प्रगति की सराहना की, साथ ही एक बार फिर इस बात पर जोर दिया कि उनका देश स्वशासित ताइवान को अपने साथ मिला लेगा।
बुधवार (31 दिसंबर) की शाम को सरकारी मीडिया द्वारा प्रसारित अपने नव वर्ष की पूर्व संध्या के संबोधन में शी जिनपिंग ने सैन्य प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अन्वेषण सहित प्रमुख क्षेत्रों में देश की प्रगति की प्रशंसा की।
शी जिनपिंग ने ताइवान को लेकर क्या कहा?
जिनपिंग के भाषण के दौरान स्क्रीन पर कुंग फू करते मानवाकार रोबोटों से लेकर नई जलविद्युत परियोजनाओं तक की तस्वीरें प्रदर्शित की गईं।
शी जिनपिंग ने पिछले पांच वर्षों में देश के आर्थिक विकास में योगदान देने के लिए चीनी लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा, “हमने नवाचार के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले विकास को गति देने का प्रयास किया।”
चीन अपनी आर्थिक विकास योजना को पांच-पांच वर्षों की अवधि में बनाने की तैयारी कर रहा है और मार्च में होने वाले आगामी विधायी सत्र में अपनी नई पंचवर्षीय योजना पर चर्चा करने की तैयारी में है।
अमेरिका द्वारा सेमीकंडक्टर और अन्य उच्च-तकनीकी वस्तुओं तक पहुंच पर कड़े नियंत्रण लागू करने के मद्देनजर देश विज्ञान और प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
ताइवान को अपनी भूमि मानता है चीन
जिनपिंग ने पिछले वर्ष आयोजित उच्च स्तरीय राजनीतिक कार्यक्रमों और आदान-प्रदानों का उल्लेख करते हुए विश्व मंच पर देश की बढ़ती प्रमुखता की भी प्रशंसा की।
ताइवान एक स्वशासित लोकतंत्र है, हालांकि चीन उस पर अपना दावा करता रहा है और उसे अपनी संप्रभु भूमि मानता है। जिनपिंग ने अपने संबोधन के दौरान ताइवान के विलय के इरादों को दोहराया। उन्होंने कहा, “ताइवान जलडमरूमध्य के दोनों ओर रहने वाले हम चीनी लोग रक्त और रिश्तेदारी के बंधन से बंधे हैं।”
जिनपिंग ने आगे कहा “हमारी मातृभूमि का एकीकरण, जो समय की मांग है, अब रुकने वाला नहीं है।” गौरतलब है कि चीन ने 2025 के आखिरी हफ्ते में ताइवान के आसपास दो दिनों तक अभ्यास किया। इस अभ्यास में रॉकेट दागे गए और विमान एवं युद्धपोत भेजे गए। यह अभ्यास अमेरिका द्वारा ताइवान को हथियार बेचने की योजना के जवाब में किया गया। ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने गुरुवार (1 जनवरी) को अपने नव वर्ष के संबोधन में चीन की “विस्तारवादी महत्वाकांक्षाओं” का विरोध करने और द्वीप की आत्मरक्षा को मजबूत करने का संकल्प लिया।
ताइवान पूर्वी एशिया का देश है जो ताइवान और अन्य द्वीपों से मिलकर बना है। भले ही चीन ताइवान को अपने से अलग हुआ प्रांत मानता है लेकिन ताइवान खुद को एक संप्रभु और स्वतंत्र राष्ट्र कहता रहा है।
हाल ही में जब चीन ने देश के आसपास सैन्य अभ्यास किया तो ताइवान ने कहा कि उसने इसके जवाब में सेनाएं तैनात की हैं। अमेरिका ने हाल ही में ताइवान को 11 अरब डॉलर के सैन्य हथियार देने की मंजूरी दी थी। इससे नाराज होकर चीन ने अमेरिका की 20 फर्मों पर प्रतिबंध का ऐलान किया था।

