नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने शुक्रवार को साल 2027 में भारत की जनगणना के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये अलॉट किए। यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना होगी। केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जनगणना दो हिस्सों में होगी। पहले हिस्सों में घरों की गिनती और फिर जनसंख्या की गिनती होगी।
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा, ‘जनगणना 2027 पहली डिजिटल जनगणना होगी। जनगणना का डिजिटल डिजाइन डेटा सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है।’ वैष्णव ने कहा कि गिनती में सामाजिक स्थिति और जाति जनगणना शामिल होगी। इस प्रक्रिया के दौरान, सरकार लगभग 30 लाख कर्मचारियों को फील्ड में उतारेगी। जनगणना प्रक्रिया में हर घर में जाना, घरों की सूची और आवास जनगणना और जनसंख्या गणना के लिए अलग-अलग प्रश्नावली भरना शामिल है।
जनगणना करने वाले, जो आम तौर पर सरकारी टीचर होते हैं और जिन्हें राज्य सरकारों द्वारा नियुक्त किया जाता है, अपनी रेगुलर ड्यूटी के अलावा जनगणना का फील्ड वर्क भी करेंगे। फील्ड कर्मचारियों में जनगणना करने वाले, सुपरवाइजर, मास्टर ट्रेनर, चार्ज ऑफिसर और प्रिंसिपल/जिला जनगणना अधिकारी शामिल हैं। सभी जनगणना कर्मचारियों को जनगणना के काम के लिए उचित मानदेय दिया जाएगा क्योंकि वे यह काम अपनी रेगुलर ड्यूटी के अलावा करेंगे।
सरकार के एक बयान के अनुसार, मौजूदा कोशिश यह होगी कि आने वाले जनगणना डेटा को देश भर में कम से कम समय में उपलब्ध कराया जाए।
डिजिटल माध्यम से पहली जनगणना
सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘देश में यह डिजिटल माध्यम से पहली जनगणना है। डेटा मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करके इकट्ठा किया जाएगा जो Android और iOS दोनों वर्जन के लिए उपलब्ध होगा। पूरी जनगणना प्रक्रिया को रियल टाइम आधार पर मैनेज और मॉनिटर करने के लिए एक खास पोर्टल- सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CMMS) को विकसित किया गया है।’
इसमें बताया गया है कि हाउसलिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) क्रिएटर वेब मैप एप्लीकेशन जनगणना 2027 के लिए एक और नया इनोवेशन है, जिसका उपयोग प्रभारी अधिकारी करेंगे।
विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘जनता को खुद गिनती करने का विकल्प दिया जाएगा। इस बड़े डिजिटल ऑपरेशन के लिए उचित सुरक्षा सुविधाओं का प्रावधान किया गया है।’
आगे बताया गया है, ‘जनगणना परिणामों को अधिक कस्टमाइज्ड विजुअलाइज़ेशन टूल के साथ प्रसारित करने के भी प्रयास किए जाएंगे। सबसे छोटी प्रशासनिक इकाई यानी गांव/वार्ड स्तर तक सभी को डेटा साझा किया जाएगा।’
क्या है जनगणना 2027 का पूरा शेड्यूल
सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारत की जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहले चरण में घरों की सूची बनाना (हाउसलिस्टिंग) और आवास (हाउसिंग) जनगणना है जो अप्रैल से सितंबर, 2026 तक चलेगी। दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना (पीई) है जो फरवरी 2027 में पूरी होगी। हालांकि, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू और कश्मीर के बर्फ से प्रभावित क्षेत्रों और हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड राज्यों के लिए यह गणना सितंबर 2026 में कर ली जाएगी।
डेटा संग्रह के लिए मोबाइल ऐप और मॉनिटरिंग के लिए सेंट्रल पोर्टल का उपयोग करने से बेहतर गुणवत्ता का डेटा सुनिश्चित होगी। सरकार ने कहा है कि डाटा प्रसार बेहतर और अधिक यूजर फ्रेंडली तरीके से होगा ताकि नीति निर्माण के लिए आवश्यक मानकों पर सभी प्रश्न एक बटन क्लिक करते ही प्राप्त हो जाए।
बता दें कि जनगणना-2027 देश में 16वीं जनगणना और स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी। जनगणना गांव, शहर और वार्ड स्तर पर प्राथमिक डेटा उपलब्ध कराने का सबसे बड़ा स्रोत है, जो घर की स्थिति; सुविधाएं और परिसंपत्तियां, जनसांख्यिकीय, धर्म, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति, भाषा, साक्षरता और शिक्षा, आर्थिक कार्यकलाप, प्रवासन और उर्वरता जैसे अलग-अलग मानकों पर सूक्ष्म स्तर डेटा प्रदान करता है।

