Thursday, April 9, 2026
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खतरे में सीजफायर! ईरान ने बंद किया होर्मुज, इजराइल के लेबनान पर ताबड़तोड़ हमले से नाराज: रिपोर्ट

इजराइल ने युद्धविराम की घोषणा के बाद भी लेबनान में और हिज्बुल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखा है। इजराइली सेना ने लेबनान में 10 मिनट के भीतर 100 से अधिक हवाई हमले किए।

वॉशिंगटन: ईरान को लेकर ऐसी खबरें हैं कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मूज को फिर से बंद कर दिया है। इस कदम से ईरान और अमेरिका के बीच हुए सीजफायर पर खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय ईरानी मीडिया के अनुसार लेबनान पर लगातार इजराइली हमलों के बाद ईरान ने नाराजगी जताते हुए ये कदम उठाया है। उसने आरोप लगाया है कि युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा है। दरअसल, इजराइल ने ईरान-अमेरिका युद्धविराम की घोषणा के महज कुछ ही घंटे बाद लेबनान पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। इसे लेबनान पर इजराइल के सबसे बड़े हमलों में से एक माना जा रहा है। हमले में करीब 200 लोगों के मारे जाने की आशंका है।

ईरान ने ये भी आरोप लगाया है कि युद्धविराम के बाद उसकी हवाई सीमा में एक ड्रोन आया, जिसे फार्स प्रांत के लार शहर में गिरा दिया गया।

दूसरी ओर इजराइल भी अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौते से कथित तौर पर नाखुश है। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार इजराइल की नाराजगी की वजह उसे युद्धविराम को लेकर हुई बातचीत से बाहर रखा जाना और बिना उससे सलाह-मशविरा किए ही इसे अंतिम रूप दिया जाना है।

टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के अनुसार इजराइल को इस युद्धविराम को लेकर बातचीत के बेहद अंतिम चरण में जानकारी दी गई।

अमेरिका और ईरान की ओर से बुधवार तड़के (भारतीय समयानुसार) युद्ध विराम की घोषणा की गई थी। ट्रंप के ‘ईरान की पूरी सभ्यता खत्म’ करने वाली धमकी की डेडलाइन से ठीक 90 मिनट पहले ट्रंप ने युद्धविराम की बात कही। इसके बाद ईरान ने भी सहमति जताते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की बात कही।

लेबनान पर फंस रहा पेंच!

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से ईरान के साथ युद्धविराम के लिए अमेरिका के फैसले का समर्थन किया था, लेकिन साथ ही ये भी कहा है कि इसमें लेबनान शामिल नहीं है।

नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा था, ‘ईरान द्वारा जलडमरूमध्य को तुरंत खोलने और अमेरिका, इजराइल और क्षेत्र के अन्य देशों पर सभी हमलों को रोकने की शर्त पर राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा दो सप्ताह के लिए हमले बंद करने के फैसले का इजराइल समर्थन करता है।’

हालांकि, एक अलग पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘संयुक्त राज्य अमेरिका ने इजराइल को बताया है कि वह आगामी वार्ता में अमेरिका, इजराइल और इजराइल के क्षेत्रीय सहयोगियों द्वारा साझा किए गए इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। दो सप्ताह का युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होता है।’

इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जब युद्धविराम की जानकारी सोशल मीडिया पर दी थी, तो इसमें कहा गया था कि लेबनान पर भी हमले बंद होंगे।

इजराइल का एक्शन और ईरान की धमकी

इजराइल ने युद्धविराम की घोषणा के बाद भी लेबनान में और हिज्बुल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखा है। इजराइली सेना ने लेबनान में 10 मिनट के भीतर 100 से अधिक हवाई हमले किए।

इस पर ईरान ने विरोध जताया है। ईरान ने धमकी दी है कि अगर इजराइल लेबनान पर हमले जारी रखता है तो वह अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम से हट जाएगा।

युद्धविराम में होर्मुज को फिर से खोलने का वादा ईरान की ओर से किया गया था। हालांकि, समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के हवाले से बताया है कि लेबनान में इजराइली हमलों के बाद जहाजों का आवागमन रोक कर दिया गया है।

ट्रंप बोले- समझौते में हिज्बुल्लाह शामिल नहीं

दूसरी ओर ट्रंप ने लेबनान में इजराइल के सैन्य अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच हुए युद्धविराम समझौते में हिज्बुल्लाह को शामिल नहीं किया गया है। पीबीएस न्यूज से बात करते हुए, जब उनसे युद्धविराम की घोषणा के बावजूद लेबनान को निशाना बनाए जाने के बारे में पूछा गया, तो ट्रंप ने कहा, ‘हां, उन्हें समझौते में शामिल नहीं किया गया था।’

जब उनसे यह पूछा गया कि लेबनान में इजराइली सैन्य कार्रवाई को समझौते से क्यों बाहर रखा गया, तो ट्रंप ने जवाब दिया, ‘हिज्बुल्लाह की वजह से। उन्हें समझौते में शामिल नहीं किया गया था। इसका भी समाधान हो जाएगा। कोई बात नहीं।’

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें लेबनान में इजराइली सेना द्वारा हमले जारी रखने से कोई आपत्ति नहीं है, तो उन्होंने पीबीएस न्यूज को बताया, ‘यह समझौते का हिस्सा है – यह बात सभी जानते हैं। यह एक अलग लड़ाई है।’

यह भी पढ़ें- ऑपरेशन एपिक फ्यूरीः ईरान के 13,000 से ज्यादा ठिकानों को बनाया गया निशाना, 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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