कला-संस्कृति

दृश्यम: विंडरमेयर रंग उत्सव में विचार, व्यंग्य और लोक का संगम

बरेली में नाटकों का सालाना जश्न ‘विंडरमेयर रंग उत्सव’ अभी हाल ही में पूरा हुआ। 9 से 15 फ़रवरी तक…

1 month ago

विरासतनामा: आधुनिक संग्रहालय- इतिहास के अनोखे सरपरस्त

भारत जैसे पुरातन इतिहास और विविध संस्कृति वाले देश में, संग्रहालय सिर्फ पुरानी चीज़ों को सहेजने की जगह नहीं हैं…

1 month ago

कथा प्रांतर-8: एक नई संभावित दुनिया का दरवाजा

कथा प्रांतर की पाँचवीं कड़ी में, मिथिलेश प्रियदर्शी की कहानी ‘रकीब’ पर केंद्रित आलेख ‘क्वीयर संवेदना के सघनतम तनाव की…

1 month ago

अनिकेतः बनारस के ‘काशी’- एक बदलते शहर का बूढ़ा दरख्त

बनारस कोई पंद्रह बरस से जा रहा हूं। जितना मैंने देखा-जाना, इस शहर को यदि किसी एक शब्द में बाँधना…

1 month ago

पुस्तक समीक्षाः मैं बरबाद होना चाहती हूँ

एक दिन, उनके पति ने बाहर जाने से पहले अपने ‘चैतन्य भागवत’ को रसोई में छोड़ दिया। रससुंदरी ने हिम्मत जुटाई, किताब…

1 month ago

थार की कहानियां: राजस्थान में तेज होती ‘ओरण’ बचाने की मुहिम…आखिर क्यों शुरू हुआ ये आंदोलन?

'अरे भाई ! यह ओरण वाला मामला क्या है ?''पता नहीं सर, पर सोशल मीडिया इसकी चर्चा से भरा पड़ा…

1 month ago

दृश्यम: पर्ण पेठे का ‘समथिंग लाइक ट्रुथ’- नाट्यालेख- रंगमंच का अंतर्विरोध और निर्देशन का संकट

चाहे वह अरस्तू की त्रासदी हो या भारतीय नाट्यशास्त्र में संघर्ष, उत्कर्ष और कथार्सिस की एक अपेक्षित संरचना रचती है।…

2 months ago

विरासतनामा: दक्कन से थार और शिवालिक से धौलाधार; गुर्जर-प्रतिहार स्थापत्य की विरासत

भारतीय मंदिर स्थापत्य को अगर एक रेखा में समझने की कोशिश करें, तो वह रेखा सीधी नहीं बल्कि कड़ी डर…

2 months ago

कहानीः जो बचा रह गया था

वासु ऑफिस में घुसा ही था कि उसके फ़ोन में फेसबुक पर किसी फ्रेंड रिक्वेस्ट के नोटिफिकेशन की घंटी बजी।…

2 months ago

पुस्तक समीक्षाः इतिहास की रक्तारक्त गलियों से निकला एक उपन्यास- आउशवित्ज एक प्रेमकथा

कुछ किताबों को पढ़ कर मन देर तक उदास रहता है। अपनी मनुष्यता और अपनी सभ्यता पर विचलित करने वाला…

2 months ago