बरेली में नाटकों का सालाना जश्न ‘विंडरमेयर रंग उत्सव’ अभी हाल ही में पूरा हुआ। 9 से 15 फ़रवरी तक…
भारत जैसे पुरातन इतिहास और विविध संस्कृति वाले देश में, संग्रहालय सिर्फ पुरानी चीज़ों को सहेजने की जगह नहीं हैं…
कथा प्रांतर की पाँचवीं कड़ी में, मिथिलेश प्रियदर्शी की कहानी ‘रकीब’ पर केंद्रित आलेख ‘क्वीयर संवेदना के सघनतम तनाव की…
बनारस कोई पंद्रह बरस से जा रहा हूं। जितना मैंने देखा-जाना, इस शहर को यदि किसी एक शब्द में बाँधना…
एक दिन, उनके पति ने बाहर जाने से पहले अपने ‘चैतन्य भागवत’ को रसोई में छोड़ दिया। रससुंदरी ने हिम्मत जुटाई, किताब…
'अरे भाई ! यह ओरण वाला मामला क्या है ?''पता नहीं सर, पर सोशल मीडिया इसकी चर्चा से भरा पड़ा…
चाहे वह अरस्तू की त्रासदी हो या भारतीय नाट्यशास्त्र में संघर्ष, उत्कर्ष और कथार्सिस की एक अपेक्षित संरचना रचती है।…
भारतीय मंदिर स्थापत्य को अगर एक रेखा में समझने की कोशिश करें, तो वह रेखा सीधी नहीं बल्कि कड़ी डर…
वासु ऑफिस में घुसा ही था कि उसके फ़ोन में फेसबुक पर किसी फ्रेंड रिक्वेस्ट के नोटिफिकेशन की घंटी बजी।…
कुछ किताबों को पढ़ कर मन देर तक उदास रहता है। अपनी मनुष्यता और अपनी सभ्यता पर विचलित करने वाला…