कला-संस्कृति

स्मरण: वो स्त्रियां अगर जीवन में नहीं आईं होतीं, तो खलील जिब्रान, खलील जिब्रान हुये होते?

लेबनानी-अमेरिकी लेखक और कवि की आज पुण्यतिथि (10 अप्रैल, 1931) है। प्रेम और दोस्ती पर तो उन्होंने इतना कुछ और…

12 months ago

दृश्यम: बेगूसराय का रंगमंच और बाल-दर्शक

10वां 'आशीर्वाद राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव बेगूसराय', की चर्चा दिनकर कला केंद्र और उसके सामने की चाय की दुकान के बिना…

12 months ago

विरासतनामा: टीले- वैरागी दरवेशों का डेरा

टीले वैसे भी स्वाभाविक रूप से एक ऊँचाई प्रदान करते हैं, जिससे सांसारिक मोह से अलगाव पैदा होता है, जो…

12 months ago

कहानीः फिर पंचलाइट- आशुतोष

सुपरिचित कथाकार आशुतोष की कहानी ‘फिर पंचलाइट’ फणीश्वरनाथ रेणु की कालजयी कहानी ‘पंचलाइट’ की पुनर्रचना है। मूल कहानी से रिश्ता…

12 months ago

पुस्तक समीक्षा: आँखों और पैरों में सपने बोने वाली किताब

'यायावरी-आवारगी' शृंखला के तहत 'आजादी: मेरा ब्रांड' के बाद 'लोग जो मुझमें रह गये' अनुराधा बेनीवाल की दूसरी पुस्तक है।…

1 year ago

बोलते बंगले: माउंट एवरेस्ट पर फतेह करने वाले तेनजिंग नोर्गे के दार्जलिंग वाले घर की कहानी

तेनजिंग नोर्गे ने अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा दार्जिलिंग में बिताया। दार्जिलिंग उनके लिए न केवल एक घर था,…

1 year ago

स्मरण: इक्कीसवीं सदी के घावों पर मलहम रखता निर्मल गद्य

अपनी प्रचलित और लोकप्रिय छवि के विपरीत निर्मल वर्मा यहां अपने 'घर' को लौटते हुए मुसाफ़िर की तरह दिखाई देते…

1 year ago

दृश्यम: द मिडवाइफ्स कन्फेशन: समाज के क्रूर चेहरे को उजागर करती एक डॉक्यूमेंट्री

एक बच्ची के कहीं फेंके जाने की घटना से यह फ़िल्म शुरू होती है और उसके बाद धीरे-धीरे निर्देशक और…

1 year ago

प्रेमचंद के साहित्य पर गहन शोध करने वाले कमल किशोर गोयनका का निधन

साहित्यकार कमल किशोर गोयनका का मंगलवार सुबह निधन हो गया। 87 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। मुंशी…

1 year ago

विरासतनामा: कालका शिमला रेलमार्ग- अतीत और वर्तमान को जोड़ती कड़ी

अपने अतीत और वर्तमान के साथ सामंजस्य बिठाती 'कालका-शिमला रेलवे' आज भी उतना ही नई लगती है, जितनी पुरानी है।…

1 year ago