आज रवीन्द्र नाथ टैगोर की 164वीं जयंती है। टैगोर अपने आप में एक पूरे संस्थान जैसे थे। चित्रकारी, विज्ञान से…
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आधुनिक इतिहासकार और साहित्यविद राजपूत युद्धकाव्य में वर्णित लड़ाकों की वीरता और उनके बलिदान के काव्यात्मक…
प्रेम रंजन अनिमेष की कहानियां समय और समाज के नब्ज को पकड़ती हैं, ये छोटी-छोटी बातों के जरिये बड़ी-से-बड़ी विडंबना…
'गांधी और सरला देवी चौधरानी: बारह अध्याय' की कथा स्वंतत्रता आंदोलन के समय में घटित होकर भी मन के भीतर…
देश के आजाद होने के बाद 23 अकबर रोड में सुब्रतो मुखर्जी, अर्जन सिंह इदरीस हसन लतीफ, पी.सी. लाल, एन.ए.के…
'काग़ज़ के गुब्बारे’ एक नाटक नहीं बल्कि इस्मत चुगताई की छह कहानियाँ का एक ऐसा सगुंफन है, जिसमें स्त्री जीवन…
गोवा की गलियों और ग्रामीण झुरमुठों में इन बंगलों को ढूंढना किसी खजाने की खोज जैसा ही रोमांचक होता है.…
अनिकेत- लेखक हमेशा से अनिकेत होते हैं। उनका कोई एक निश्चित घर नहीं होता और सारी दुनिया उनके लिए उनका…
'परख' अशोक वाजपेयी जी के शब्दों में यह 'उनके जीवन का दिया गया सबसे लंबा साक्षात्कार है।' एक साक्षात्कार की…
प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद इंदिरा गांधी को अपना सरकारी आवास 1 सफदरजंग रोड खाली करना पड़ा था। इसके…