मृत्यु जीवन का अंतिम सत्य है, लेकिन कैसी मृत्यु? यह प्रश्न हमेशा से मनुष्य को परेशान करता रहा है। जब…
भारत में जब भी किसी पुराने राजमहल में होलिका दहन, दशहरा, शस्त्र पूजन या दस्तारबंदी जैसी परंपराएँ निभाई जाती हैं,…
मेरे दादा बताते थे कि उन के दादा को मगरमच्छ ने काट लिया था। ये तब की बात है जब…
भारतीय सिनेमा का इतिहास केवल मनोरंजन, चमक-दमक और लोकप्रियता की कथा नहीं है; वह भारतीय समाज के बदलते सांस्कृतिक परिदृश्य,…
जिसे प्रेम, इश्क या मोहब्बत कहते हैं उसके कई रूप हैं। इसलिए अलग अलग वक्त में कवियों, शायरों, नाटककारों और…
यदि इसे महागाथा की तरह देखें तो यह कुरुक्षेत्र का आधुनिक संस्करण है, जहाँ रथों की जगह ड्रोन हैं, और…
दिल्ली के दिल कहे जाने वाले लुटियंस ज़ोन में बसी सरकारी कोठियाँ, उसके बुलेवार्ड, उसकी सड़कें, ये सब सिर्फ प्रशासनिक…
मैं नहीं जानता कि मैं तोल्स्तोय के इस उपन्यास पर ऐसा क्या कह सकूँगा जो आपकी निगाह में नया या…
आलोचक नामवर सिंह ने एक बार कहा था, कहानी का दुर्भाग्य है कि वह मनोरंजन के रूप में पढ़ी जाती…
मालाणी एक्सप्रेस, मालाणी नस्ल के घोड़े, मालाणी पट्टू, गुड़ामालाणी, मालाणी के परगने, मालाणी हिल्स, मालाणी क्षेत्र आदि... आखिर यह मालाणी…