“कहानी में एक यथार्थ जो जैसा देखा, वैसे ही रचा गया है। उस पर किसी इच्छित या वांछित यथार्थ का…
पिछले दो सालों में यह दसवां शहर है, जहां मैं आशियाना तलाशने की कोशिश कर रहा हूं। एक सुरक्षित आशियाना।…
इन दिनों आधुनिक समीक्षा ने कई चीजों को लेकर लकीर खींची है। पहली बात तो यह देखे जाने का चलन…
"जय माताजी री सा, क्या हाल चाल है ?"कोटड़ी में प्रवेश करते हुए जबर सिंह ने कहा। "जय माता जी…
भारत रंग महोत्सव का सूर्य अब अस्ताचल की ओर है। यह एक ऐसा अवसान है जो किसी प्राकृतिक चक्र का…
पिछले लेख में हमने भारत की रियासतों के इतिहास को उन सामान्य धारणाओं से आगे जाकर देखने की कोशिश की…
हम भोपाल में थे- संभवतः विश्व रंग के कार्यक्रम में। रात गपशप के बाद ऊपर से उतरते हुए अचानक ममता…
आज यानी 15 मार्च को राही मासूम रज़ा की पुण्यतिथि है।15 मार्च 1992 को 64 वर्ष की आयु में बंबई…
मैं स्त्रियों द्वारा लिखी कविताओं को, कविता पढ़ने की अपनी स्वाभाविक ललक के अलावा इस आतुरता से भी पढ़ता हूँ…
बाड़मेर में थार महोत्सव शुरू हो गया है। जनता आदर्श स्टेडियम में विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आनंद लेने…