नई दिल्लीः बजट सत्र 2026 के दौरान बुधवार (4 फरवरी) को विपक्षी सांसदों द्वारा बार-बार किए गए विरोध प्रदर्शन के कारण लोकसभा की कार्यवाही स्थगित हो गई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदा का राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव रद्द करना पड़ा।
लोकसभा में शाम 5 बजे से कुछ ही देर पहले उस समय हंगामा चरम पर पहुंच गया जब मोदी के भाषण देने के संकेत मिलने पर सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, महिला सांसदों सहित कई विपक्षी सांसद सदन के वेल में घुस आए, नारे लगाने लगे और प्रधानमंत्री की कुर्सी समेत सत्ताधारी दल के सदस्यों की सीटों की ओर बढ़ने लगे। इससे भाजपा की ओर से तीखे आरोप लगे और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।
पीएम की कुर्सी की ओर बढ़ीं महिला सांसदः मनोज तिवारी
वहीं, भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि विपक्ष की कई महिला सांसद प्रधानमंत्री की कुर्सी की ओर बढ़ीं और वरिष्ठ मंत्रियों द्वारा अपनी सीटों पर लौटने की बार-बार की गई अपीलों को नजरअंदाज कर दिया। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकसभा से दूर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि स्थिति नियंत्रण से बाहर थी।
घटना को “बेहद भयावह” बताते हुए तिवारी ने दावा किया कि महिला सांसदों को प्रधानमंत्री की सीट के आसपास “पूर्व नियोजित तरीके से” तैनात किया गया था और उनके आक्रामक व्यवहार से सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएं पैदा हुईं। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के हस्तक्षेप से ही स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सका और कहा कि विपक्षी सांसद “प्रधानमंत्री पर हमला भी कर सकती थीं।”
विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का उद्धरण देने से रोके जाने के विरोध में विपक्ष द्वारा घंटों तक चले प्रदर्शन के बाद यह टकराव हुआ जिसके कारण दिन भर में कई बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
भाजपा के पीपी चौधरी के प्रस्ताव पर बोलने के लिए उठते ही विपक्षी सदस्य नारे लगाने लगे। सदन की अध्यक्षता कर रही संध्या राय ने कुछ ही मिनटों के भीतर कार्यवाही स्थगित कर दी। बैनर और तख्तियां प्रदर्शित करते हुए, कांग्रेस और अन्य विपक्षी सदस्य सदन के भीतरी हिस्से के साथ-साथ गलियारों में भी खड़े थे।
निशिकांत दुबे की गांधी परिवार पर टिप्पणियों के बाद बंद हुआ था सदन
गौरतलब है कि इससे पहले भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा गांधी परिवार को निशाना बनाकर की गई टिप्पणियों पर हुए हंगामे के बाद सदन को शाम 5 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस सांसदों ने अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर दुबे को गांधी परिवार के खिलाफ बोलने की अनुमति देने के अध्यक्ष के फैसले का विरोध किया।
संसद भवन के बाहर कांग्रेस सांसदों ने प्रदर्शन करते हुए मांग की कि गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने की अनुमति दी जाए। इससे पहले, पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के अप्रकाशित “संस्मरण” से संबंधित कुछ मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के जोरदार विरोध के बाद कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।
जैसे ही दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, विपक्षी सदस्य 2020 में चीन के साथ हुए गतिरोध के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए खड़े हो गए।
हंगामे के बीच, स्पीकर बिरला ने सदन की मेज पर संसदीय दस्तावेज रखने की अनुमति दी। बाद में, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बयान दिया। लोकसभा में आज कांग्रेस सदस्य पूर्व सेना प्रमुख और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तस्वीरों वाले बैनर और पोस्टर लेकर आए थे जबकि राहुल गांधी सदन में एक किताब लहराते हुए नजर आए।

