Friday, March 20, 2026
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बजट 2026: शेयर बाजार में सट्टेबाजी पर लगेगा लगाम!, फ्यूचर्स-ऑप्शंस पर बढ़ा STT, अब बायबैक की कमाई पर भी देना होगा ज्यादा टैक्स

सरकार ने शेयर बायबैक (Share Buyback) से जुड़ी टैक्स व्यवस्था को भी पूरी तरह बदल दिया है। अब बायबैक में शेयर सरेंडर करने पर होने वाले फायदे को ‘कैपिटल गेन’ की श्रेणी में लाया जाएगा। नई संरचना के तहत कॉरपोरेट प्रमोटर्स पर प्रभावी रूप से 22 प्रतिशत और नॉन-कॉरपोरेट प्रमोटर्स पर 30 प्रतिशत का टैक्स लगेगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में शेयर बाजार के ‘जोखिम भरे’ डेरिवेटिव सेगमेंट (F&O) पर लगाम कसने के लिए कड़े टैक्स प्रस्तावों का ऐलान किया है। सरकार के इस कदम का उद्देश्य बाजार में बढ़ती सट्टेबाजी को कम करना है, लेकिन इन घोषणाओं के तुरंत बाद शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। बजट भाषण के दौरान ही सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई।

F&O ट्रेडिंग हुई महंगी, STT में भारी बढ़ोतरी

बाजार में अचानक आई घबराहट की मुख्य वजह सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में की गई वृद्धि है। बजट में फ्यूचर्स पर एसटीटी को मौजूदा 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है, जबकि ऑप्शंस पर इसे बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है। एसटीटी एक ऐसा प्रत्यक्ष कर है जो शेयर बाजार में होने वाले हर सौदे पर लगता है, चाहे निवेशक को मुनाफा हो या घाटा।

जानकारों का कहना है कि यह बढ़ोतरी भले ही मामूली दिखे, लेकिन दिनभर में कई ट्रेड करने वाले ट्रेडर्स के लिए यह लेनदेन की लागत को काफी बढ़ा देगी। इससे ट्रेडर्स का मार्जिन कम होगा और बाजार में ट्रेडिंग वॉल्यूम गिरने की आशंका है, यही वजह है कि निवेशकों ने इस पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

शेयर बायबैक पर टैक्स का नया गणित

सरकार ने शेयर बायबैक (Share Buyback) से जुड़ी टैक्स व्यवस्था को भी पूरी तरह बदल दिया है। अब बायबैक में शेयर सरेंडर करने पर होने वाले फायदे को ‘कैपिटल गेन’ की श्रेणी में लाया जाएगा। नई संरचना के तहत कॉरपोरेट प्रमोटर्स पर प्रभावी रूप से 22 प्रतिशत और नॉन-कॉरपोरेट प्रमोटर्स पर 30 प्रतिशत का टैक्स लगेगा। इस कदम का उद्देश्य कराधान को सुव्यवस्थित करना और बायबैक से होने वाली आय के लिए अधिक पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि सरकार ने लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया है।

बाजार में ‘ब्लैक संडे’: 1300 अंकों की भारी गिरावट

बजट की इन घोषणाओं के बाद शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स बुरी तरह क्रैश हो गए। एक समय पर सेंसेक्स में 2,000 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखी गई, लेकिन अंत में यह 1,348.50 अंक (1.64%) गिरकर 80,921.73 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी50 भी 494.35 अंक (1.95%) फिसलकर 24,826.30 के स्तर पर आ गया।

बजट घोषणाओं के बाद शेयर बाजार में आई इस गिरावट का सबसे अधिक असर ब्रोकरेज फर्मों और स्टॉक एक्सचेंज से जुड़े शेयरों पर देखने को मिला। ट्रांजैक्शन कॉस्ट बढ़ने की खबरों के बीच निवेशकों ने इन शेयरों में भारी बिकवाली की, जिससे एंजेल वन के शेयरों में 11 प्रतिशत और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई लि.) के शेयरों में 10.50 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जो लोअर सर्किट के काफी करीब पहुँच गया था। इसी तरह ग्रो (Groww) के शेयरों में 7.25 प्रतिशत, सीडीएसएल में 5.27 प्रतिशत और एचडीएफसी एएमसी के शेयरों में 3.82 प्रतिशत तक की कमजोरी देखी गई।

घोषणा के बाद क्यों बाजार में मची खलबली?

दरअसल बाजार आमतौर पर उन कदमों से असहज होता है, जिनसे ट्रांजैक्शन कॉस्ट बढ़ती है। एफएंडओ पर एसटीटी में बढ़ोतरी से खासकर डे-ट्रेडर्स और हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग करने वालों की लागत बढ़ेगी। चूंकि एसटीटी हर सौदे पर लगता है, नुकसान की स्थिति में भी इसे चुकाना पड़ता है। यही वजह है कि बजट के इस ऐलान के बाद बाजार में घबराहट और बिकवाली देखने को मिली।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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