नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी) को आम बजट पेश करते हुए दुर्लभ पृथ्वी खनिजों (Rare earth minerals) को लेकर बड़ा ऐलान किया। वित्त मंत्री ने कहा कि देश के चार राज्यों में रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित किए जाएंगे। इसके जरिए रेयर अर्थ के खनन और रिसर्च को बढ़ावा दिया जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स के लिए योजना नवंबर 2025 में शुरू की गई थी। उन्होंने कहा कि ‘अब हम खनिज-समृद्ध राज्यों- ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को खनन, प्रसंस्करण, अनुसंधान और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में समर्थन देने का प्रस्ताव रखते हैं।’
निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कहा, ‘घरेलू रासायनिक उत्पादन को बढ़ाने और आयात निर्भरता कम करने के उद्देश्य से, हम क्लस्टर-आधारित प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर चैलेंज रूट के माध्यम से तीन समर्पित केमिकल आर्क्स स्थापित करने के लिए राज्यों को समर्थन देने की एक योजना शुरू करेंगे।’
रेयर अर्थ कॉरिडोर के जरिए सरकार का फोकस इस क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ाना है। फिलहाल भारत करीब 90 प्रतिशत चीन से आयात करता है।
क्या होते हैं रेयर अर्थ मिनरल्स?
रेयर अर्थ मिनरल्स दरअसल कुछ खास खनिज हैं, जिसे आज के दौर में तकनीक की रीढ़ माना जाता है। इनमें लैंथेनम, नियोडिमियम, सेरियम, डिस्प्रोसियम जैसी चीजें शामिल हैं। ये पृथ्वी की परत में पाए जाते हैं। हालांकि, ये अलग-अलग और बहुत कम मात्रा में मिलते हैं। साथ ही इनका प्रसंस्करण भी कठिन और खर्चीला होता है।
आज रेयर अर्थ मिनरल्स का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन चक्कियों, मोबाइल फोन, लैपटॉप, एलईडी लाइट, सैटेलाइट, मिसाइल और रक्षा उपकरणों में होता है। यह आज दुनिया की सप्लाई चेन कुछ गिने-चुने देशों तक सीमित है। यही वजह है कि भारत भी रेयर अर्थ मिनरल्स के क्षेत्र में अपनी पकड़ को मजबूत करने की कोशिश में है।
बायोफार्मा में 5 साल के लिए 10 हजार करोड़ का निवेश
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से ‘बायोफार्मा शक्ति’ की स्थापना करके भारत को वैश्विक जैव-औषधीय विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने का भी प्रस्ताव इस बजट में रखा है। वित्त मंत्री ने कहा कि इससे जैविक और जैव-सदृश दवाओं के घरेलू उत्पादन के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार होगा।
बजट में ‘बायोफार्मा शक्ति’ स्कीम का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि बायो-फार्मा को बढ़ावा देने को लिए 1,000 मान्यता प्राप्त परीक्षण स्थलों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसके जरिए सरकार की कोशिश देश में तेजी से फार्मा सेक्टर को बढ़ावा देना है।
इससे पहले अपना बजट भाषण शुरू करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि 12 साल पहले सत्ता संभालने के बाद से देश की आर्थिक प्रगति स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन, निरंतर विकास और मध्यम मुद्रास्फीति से चिह्नित रही है। उन्होंने कहा कि यह अनिश्चितता और व्यवधानों के दौर में भी सरकार द्वारा लिए गए सचेत निर्णयों का नतीजा है। बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा यह लगातार नौवीं बार पेश किया गया बजट है।

