Friday, March 20, 2026
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Budget 2026: 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान, टेक्सटाइल और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बड़ी घोषणाएं

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट पेश करते हुए खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को नई पहचान देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का ऐलान किया। सरकार का लक्ष्य पारंपरिक कारीगरी को आधुनिक बाजार से जोड़ना और ग्रामीण रोजगार को मजबूती देना है।

Budget 2026: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का ऐलान किया। इससे बड़े शहरों और औद्योगिक केंद्रों के बीच तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही महात्मा गांधी हैंडलूम योजना, मेगा टेक्सटाइल पार्क और टेक्सटाइल वैल्यू चेन को मजबूत करने के लिए कई नई पहलों का ऐलान किया। सरकार का साफ संदेश है कि आने वाले सालों में विकास की धुरी इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और श्रम-प्रधान उद्योगों पर टिकेगी।

1. 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान

कनेक्टिविटी के मोर्चे पर वित्त मंत्री ने 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का ऐतिहासिक ऐलान किया है। इन कॉरिडोर में मुंबई–पुणे, हैदराबाद–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी, वाराणसी–सिलीगुड़ी, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–चेन्नई और चेन्नई–बेंगलुरु जैसे महत्वपूर्ण रूट शामिल हैं।

इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख महानगरों और औद्योगिक केंद्रों के बीच यात्रा के समय को कम करना और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणाली विकसित करना है। बुनियादी ढांचे की इस गति को बनाए रखने के लिए सरकार ने सार्वजनिक पूंजीगत व्यय (Capex) को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले एक महत्वपूर्ण बढ़त है।

2. टेक्सटाइल सेक्टर के लिए बड़ी घोषणाएं

वित्तमंत्री ने टेक्सटाइल सेक्टर के लिए एक एकीकृत पैकेज की घोषणा की है जिसका उद्देश्य भारत को इस क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनाना है। इसके लिए नेशनल फाइबर स्कीम की शुरुआत की गई है जो रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक फाइबर के साथ-साथ मानव निर्मित और भविष्य के नए फाइबर में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करेगी। साथ ही, टेक्सटाइल एक्सपेंशन एंड एम्प्लॉयमेंट स्कीम के माध्यम से पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया है, जिसमें मशीनों और तकनीक उन्नयन के लिए पूंजीगत सहायता के साथ-साथ टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

इसके अलावा, टेक्स्ट ईकॉन (Text-ECON) पहल के जरिए पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाएगा और समर्थ 2.0 (SAMARTH 2.0) योजना के तहत उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से कौशल विकास के पारिस्थितिकी तंत्र को आधुनिक बनाया जाएगा।

3. महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल की शुरुआत

पारंपरिक शिल्प क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार ने महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल की शुरुआत की है। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम विशेष रूप से खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को मजबूती प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके तहत नेशनल हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम के माध्यम से मौजूदा योजनाओं को एकीकृत किया जाएगा ताकि बुनकरों और कारीगरों को लक्षित सहायता मिल सके। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारतीय उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग करना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना है। यह योजना गुणवत्ता मानकों में सुधार करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) जैसी पहलों को भी नई गति प्रदान करेगी।

4. मेगा टेक्सटाइल पार्क्स की स्थापना

निर्मला सीतारमण ने ‘चैलेंज मोड’ के माध्यम से मेगा टेक्सटाइल पार्क्स स्थापित करने की बात कही। वर्तमान में सात प्रमुख राज्यों-तमिलनाडु, तेलंगाना, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र-में पीएम मित्र पार्कों की स्थापना को अंतिम रूप दिया जा चुका है। 4,445 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली इस योजना का लक्ष्य लगभग 70,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना और करीब 20 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना है। ये पार्क न केवल उत्पादन बढ़ाएंगे बल्कि तकनीकी वस्त्रों (Technical Textiles) के क्षेत्र में मूल्यवर्धन सुनिश्चित कर निर्यात की नई संभावनाओं को भी खोलेंगे।

5. नए डेडिकेटेड ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा

माल ढुलाई को सुव्यवस्थित करने के लिए पूर्व में दानकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाले एक नए डेडिकेटेड ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की गई है। साथ ही, अगले पांच वर्षों में 22 नए राष्ट्रीय जलमार्गों को संचालित करने की योजना है ताकि लॉजिस्टिक्स लागत को न्यूनतम किया जा सके। बुनियादी ढांचे के निर्माण के दौरान निवेशकों और ऋणदाताओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए एक ‘इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड’ भी बनाया जाएगा। शहरी विकास पर ध्यान देते हुए सरकार ने टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए अगले पांच वर्षों तक प्रति वर्ष 5,000 करोड़ आवंटित किए हैं, जिससे बड़े महानगरों पर आबादी का बोझ कम होगा और छोटे शहरों में आधुनिक नागरिक सुविधाएं विकसित होंगी।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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