सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल (BSNL) के एक वरिष्ठ निदेशक विवेक बंजल का प्रयागराज दौरा इन दिनों विवादों के घेरे में है। विवेक बंजल की प्रयागराज यात्रा उस समय रद्द कर दी गई, जब उनके दौरे से जुड़ा एक आंतरिक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पत्र में तौलिया, अंडरगारमेंट, चप्पल और हेयर ऑयल जैसी वस्तुओं की व्यवस्था का उल्लेख था, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया।
इस पूरे मामले पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि यह स्थापित नियमों और परंपराओं के खिलाफ है और पूरी तरह अस्वीकार्य है। सिंधिया ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस मामले में निदेशक को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने के निर्देश दिए हैं और अधिकारी को सात दिनों के भीतर इस पर अपना स्पष्टीकरण देने का समय दिया गया है। सिंधिया ने कहा कि इस दिशा में उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस तरह का व्यवहार विभाग की छवि को धूमिल करता है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या है पूरा विवाद?
1987 बैच के दूरसंचार सेवा अधिकारी और बीएसएनएल बोर्ड में निदेशक विवेक बंजल को 25-26 फरवरी को प्रयागराज के दौरे पर जाना था। इस दौरे की तैयारियों के लिए जारी एक आधिकारिक पत्र में बेहद अजीबोगरीब और विलासितापूर्ण मांगें शामिल थीं। उनके स्वागत के लिए किए गए ‘शाही’ इंतजामों का 21-सूत्रीय आधिकारिक दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस दौरे को आनन-फानन में रद्द कर दिया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस विवादित पत्र में सबसे ज्यादा चर्चा ‘स्नान किट’ की व्यवस्था को लेकर हो रही है। इस सूची में अधिकारी के लिए नया तौलिया, अंडरगारमेंट्स (अंडरवियर), चप्पल (जिसे पत्र में ‘स्लीपर’ लिखा गया था), कंघी, शीशा और हेयर ऑयल की बोतल उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इतना ही नहीं, पत्र में यह भी निर्दिष्ट किया गया था कि कुल छह पुरुष किट और दो महिला किट तैयार रखी जाएं। विलासिता का आलम यह था कि अधिकारी की सेवा के लिए करीब 50 कर्मचारियों और अधिकारियों की फौज तैनात की गई थी, जिनमें जूनियर इंजीनियरों से लेकर मंडल इंजीनियर तक शामिल थे।
यातायात और लॉजिस्टिक्स के लिए सफेद रंग की दो नई ‘इनोवा क्रिस्टा’ गाड़ियों की व्यवस्था करने को कहा गया था, जिनमें नए तौलिये रखे होने अनिवार्य थे। इसके अलावा, सीटीओ भवन और परिसर की विशेष सजावट, साफ-सफाई और निदेशक के गुजरने वाले रास्तों पर चूने का छिड़काव करने जैसे सामंती निर्देश भी इस 21-सूत्रीय सूची का हिस्सा थे।
विवेक बंजल बीएसएनएल में ‘उपभोक्ता फिक्स्ड एक्सेस’ (CFA) के निदेशक हैं। उनके पास इस क्षेत्र में 35 वर्षों से अधिक का अनुभव है। हालांकि अधिकारी द्वारा इस तरह के विस्तृत और निजी सामानों की सरकारी अमले से मांग ने विभाग के भीतर जवाबदेही और नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

