Friday, March 20, 2026
Homeभारत'कोई सबूत नहीं', उस्मान हादी के हत्यारों के भारत भागने के दावे...

‘कोई सबूत नहीं’, उस्मान हादी के हत्यारों के भारत भागने के दावे को BSF ने किया खारिज

बांग्लादेश के छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों के भारत भागने के दावे को बीएसएफ और मेघालय पुलिस ने खारिज किया है।

नई दिल्लीः भारत ने ढाका पुलिस के उन दावों को खारिज कर दिया है जिसमें उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों के भारत भागने की बात कही गई थी। मेघालय में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने रविवार, 28 दिसंबर को कहा कि इस तरह की किसी भी सीमा पार आवाजाही का कोई सबूत नहीं है।

बीएसएफ अधिकारियों ने ढाका के आरोपों को निराधार बताया है। मेघालय में बीएसएफ के महानिरीक्षक ओपी उपाध्याय ने कहा, “ये दावे निराधार और भ्रामक हैं।”

बीएसएफ ने क्या कहा?

हलुआघाट सेक्टर से संदिग्धों के सीमा पार करने के दावों का खंडन करते हुए उन्होंने कहा, “ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह पता चले कि किसी व्यक्ति ने हलुआघाट सेक्टर से मेघालय में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार की है। बीएसएफ को ऐसी किसी घटना का न तो पता चला है और न ही इसकी कोई रिपोर्ट मिली है।”

इससे पहले दिन में, ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया था कि हत्या के मामले में दो मुख्य संदिग्ध “स्थानीय सहयोगियों की मदद से” मेघालय के गारो हिल्स क्षेत्र में प्रवेश कर चुके हैं।

यह भी पढ़ें – बांग्लादेशः उस्मान हादी की हत्या के दो आरोपी मेघालय के रास्ते भारत भागेः ढाका पुलिस

उन्होंने बताया कि पुलिस को अनौपचारिक रिपोर्ट मिली हैं जिनमें बताया गया है कि संदिग्धों की सहायता करने वाले दो व्यक्तियों को भारतीय अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है।

हालांकि, मेघालय पुलिस ने भी इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि इसका समर्थन करने के लिए कोई खुफिया जानकारी नहीं है।

राज्य के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि गारो हिल्स में संदिग्धों की उपस्थिति की पुष्टि करने के लिए “कोई जानकारी या खुफिया प्रमाण नहीं” थे।

मेघालय पुलिस ने क्या कहा है?

उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय पुलिस इकाइयों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता नहीं चला है और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय जारी है।

बीएसएफ अधिकारियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात बल हाई अलर्ट पर हैं, खासकर पड़ोसी बांग्लादेश में अशांति और अस्थिर स्थिति को देखते हुए।

बल ने दोहराया कि इस क्षेत्र में सीमा पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और सीमा पार अवैध आवाजाही के किसी भी प्रयास का तुरंत पता लगाकर उससे निपटा जाएगा।

गारो हिल्स क्षेत्र मेघालय के पश्चिमी क्षेत्र में आता है, जो बांग्लादेश के साथ एक अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है और बीएसएफ द्वारा संरक्षित है।

ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस अधिकारी ने यह भी कहा कि बांग्लादेश सरकार भगोड़ों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए भारत के संपर्क में है और उनकी गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक और अनौपचारिक दोनों चैनलों के माध्यम से बातचीत चल रही है।

इंकलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी भारत और अवामी लीग के मुखर समर्थक थे। बीते दिनों नकाबपोश हमलावरों ने उनपर गोलियां चला दी थीं जिसके बाद सिंगापुर में इलाज के दौरान हादी की मौत हो गई थी। हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में प्रदर्शन होने लगे और हिंसा भड़क गई। गुस्साई भीड़ ने बांग्लादेशी अखबारों द डेली स्टार और प्रोथोम आलो के दफ्तरों में आग लगा दी। इससे वहां मौजूद पत्रकार किसी तरह जान बचाकर निकले।

अमरेन्द्र यादव
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments