श्रीनगरः बीएसएफ के आईजी (महानिरीक्षक) ने सोमवार, 1 दिसंबर को यह खुलासा किया कि कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर 69 सक्रिय लॉन्च पैड हैं जहां से 100-120 आतंकी घुसपैठ करने की फिराक में हैं।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आईजी बीएसएफ कश्मीर फ्रंटियर के आईजी अशोक यादव ने कहा कि बीएसएफ ने सेना के साथ समन्वय करके कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर प्रभावी रूप से अपना दबदबा बनाए रखा है। इस परिणामस्वरूप इस वर्ष घुसपैठ के चार प्रयास असफल किए गए। इस दौरान आठ आतंकी मारे गए।
बीएसएफ आईजी ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि बीएसएफ ने सेना, जम्मू और कश्मीर पुलिस और पैरामिलिट्री सीआरपीएफ कर्मियों के साथ मिलकर नियंत्रण रेखा और के साथ मिलकर 22 संयुक्त अभियान चलाए। इन अभियानों में उत्तरी कश्मीर में कुछ आतंकवादी मारे गए और एके 47 राइफल, एमपी-5 राइफल, पिस्तौल, हैंड ग्रेनेड, यूबीजीएल, यूबीजीएल ग्रेनेड, चीनी ग्रेनेड, एमजीएल और विभिन्न कैलिबर के गोला-बारूद सहित बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया।
गौरतलब है कि बीएसएफ नियंत्रण रेखा के 343 किमी क्षेत्र में सेना के साथ निकट समन्वय में प्रभावी ढंग से तैनात और प्रभुत्व बनाए हुए है।
इस दौरान उन्होंने प्रकाश डाला कि बीएसएफ की खुफिया शाखा जी ब्रांच ने आतंकवादी समूहों और उनके कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर नजर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि “हमारी जी यूनिट सभी 69 सक्रिय लॉन्चिंग पैड्स पर कड़ी नजर रख रही है जहां लगभग 100-120 आतंकवादी घुसपैठ की फिराक में हैं। आतंकवादियों के विभिन्न प्रशिक्षण शिविर भी हमारी खुफिया शाखा की निगरानी में हैं।”
निडरता से खड़े हैं जवान
उन्होंने आगे कहा कि कठोर मौसम और अविकसित और दुर्गम पहाड़ी इलाके, कठिन जीवन स्थितियों और बीएटी कार्रवाई, स्नाइपिंग संघर्ष विराम उल्लंघन और फिदायीन हमलों के लगातार खतरों जैसी कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद बीएसएफ के जवान सेना के साथ पूरे जोश और समर्पण के साथ नियंत्रण रेखा की सुरक्षा के लिए निडरता से खड़े हुए हैं।
यादव ने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 25 पर्यटक और एक स्थानीय युवक मारा गया था। इसके बाद पर्यटन स्थल की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिसकर्मियों के साथ गुलमर्ग में विशेष रूप से प्रकाशित बीएसएफ सीआईटी/सीटी टीमों को तैनात किया था।
उन्होंने कहा, “गुलमर्ग में सीआई/सीटी टीमें पेशेवर और प्रभावी ढंग से अपना काम कर रही हैं और आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान कर रही हैं।”
बीएसएफ के महानिरीक्षक ने कहा कि बल ने अग्रिम मोर्चे पर तैनात इलाकों (एफडीएल) में सुरक्षा और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं ताकि जवानों को बेहतर परिचालन वातावरण और रहने की सुविधा प्रदान की जा सके।
उन्होंने कहा, “बीएसएफ ने नियंत्रण रेखा और भीतरी इलाकों में उभरती चुनौतियों के लिए अपने सैनिकों को तैयार करने के लिए बेहतर रात्रि निगरानी और युद्ध क्षमताओं सहित नए निगरानी उपकरण और हथियार शामिल किए हैं। नियंत्रण रेखा पर प्रभुत्व के विभिन्न पहलुओं और घुसपैठ, बैट कार्रवाई और दुश्मन द्वारा शत्रुता की उभरती चुनौतियों पर सैनिकों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।”

