लंदनः ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने बुधवार (एक अप्रैल) को डाउनिंग स्ट्रीट में एक भाषण दिया। इसमें उन्होंने कहा कि ब्रिटेन खाड़ी में समुद्री सुरक्षा की रक्षा करने और ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए दबाव बना रहा है। इसके साथ ही स्टार्मर ने ट्रंप के ‘कागजी शेर’ वाले बयान को खारिज किया और नाटो का समर्थन किया।
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि यह हमारा युद्ध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि समुद्री मार्ग को खोलने के लिए ब्रिटेन अन्य देशों के साथ समन्वय स्थापित कर रहा है। स्टार्मर ने आगे कहा कि हम इस युद्ध में नहीं पड़ेंगे। यह हमारे राष्ट्रीय हित में नहीं है।
ब्रिटेन प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में जीवनयापन की लागत को नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी तरीका मध्य पूर्व में तनाव कम करने और ऊर्जा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए दबाव बनाना है।
इसके लिए हम सभी उपलब्ध राजनयिक मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। स्टार्मर ने आगे कहा कि “विदेश सचिव और चांसलर ने जी7 के अपने समकक्षों से मुलाकात की है…रक्षा सचिव मध्य पूर्व में हमारे साझेदारों से बातचीत कर रहे हैं…और ब्रिटेन ने अब खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को एकजुट करने के अपने आशय पत्र के इर्द-गिर्द 35 देशों को एकजुट किया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि इस सप्ताह के अंत में विदेश सचिव एक बैठक की मेजबानी करेंगे जिसमें पहली बार ये सभी राष्ट्र एक साथ आएंगे और हम सभी संभावित राजनयिक और राजनीतिक उपायों का आकलन करेंगे जो हम अपना सकते हैं…।
आगे स्टार्मर ने कहा कि इस बैठक के बाद हम अपने सैन्य योजनाकारों को भी बुलाएंगे ताकि हम अपनी क्षमताओं का सदुपयोग कैसे कर सकते हैं, इस पर विचार कर सकें…। उन्होंने कहा कि लड़ाई खत्म होने के बाद जलडमरूमध्य को सुलभ और सुरक्षित बना सकें क्योंकि मुझे इस बारे में लोगों से खुलकर बात करनी होगी, यह आसान नहीं होगा।
NATO के बारे में ट्रंप के बयान पर क्या बोले स्टार्मर?
इस दौरान जब एक पत्रकार ने डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा नाटो से बाहर निकलने पर गंभीरता से विचार करने के बारे में पूछा तो स्टार्मर ने जवाब दिया कि “सबसे पहले नाटो दुनिया का अब तक का सबसे प्रभावी सैन्य गठबंधन है। और इसने हमें कई दशकों तक सुरक्षित रखा है। और हम नाटो के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि “दूसरी बात मुझ पर और दूसरों पर चाहे कितना भी दबाव हो, चाहे कितना भी शोर हो, मैं अपने सभी फैसलों में ब्रिटिश राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए काम करूंगा। और इसीलिए मैंने यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि यह हमारा युद्ध नहीं है, और हम इसमें घसीटे नहीं जाएंगे। लेकिन मैं यह भी उतना ही स्पष्ट रूप से कहता हूं कि जब रक्षा, सुरक्षा और हमारे आर्थिक भविष्य की बात आती है, तो हमें यूरोप के साथ घनिष्ठ संबंध रखने होंगे।”

