Bondi Beach shooting:ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर यहूदी पर्व हनुक्का के आयोजन के दौरान हुई भीषण गोलीबारी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जबकि करीब 40 लोग घायल हैं। घटना को आतंकवादी हमला घोषित किया गया है और इसकी जांच काउंटर टेररिज्म एजेंसियां कर रही हैं।
इस बीच ऑस्ट्रेलिया में यहूदी समुदाय गहरे डर और सदमे में है, वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज पर यहूदी-विरोधी हिंसा को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। नेतन्याहू ने कहा कि एंथनी अल्बनीज की नीतियां यहूदी-विरोधी हिंसा को उकसा रही हैं।
‘यहूदी-विरोधी गतिविधियों को लेकर चेताया था’
नेतन्याहू ने दावा किया कि उन्होंने 17 अगस्त को यानी करीब चार महीने पहले अल्बनीज को एक पत्र लिखकर ऑस्ट्रेलिया में बढ़ती यहूदी-विरोधी गतिविधियों को लेकर चेताया था।
नेतन्याहू ने कहा कि फिलिस्तीनी राज्य के समर्थन में ऑस्ट्रेलियाई सरकार का रुख यहूदी-विरोधी भावनाओं को हवा देता है, हमास के आतंक को इनाम देता है और उन लोगों को हौसला देता है जो ऑस्ट्रेलियाई यहूदियों को धमकाते हैं। उन्होंने कहा, “यहूदी विरोध एक कैंसर है। यह तब फैलता है जब नेता चुप रहते हैं और तब पीछे हटता है जब नेता सख्ती से कार्रवाई करते हैं।”
इजराइली प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि अल्बनीज सरकार ने यहूदी-विरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनके मुताबिक, “आपने बीमारी को फैलने दिया और आज इसका नतीजा यह है कि हमने यहूदियों पर भयानक हमले देखे।”
‘इजराइल यहूदियों पर हमला करने वालों को नहीं छोड़ेगा’
नेतन्याहू ने कहा कि इस हमले के दौरान एक मुस्लिम व्यक्ति ने साहस दिखाते हुए एक हमलावर को रोकने की कोशिश की, जिसकी उन्होंने सराहना की। लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यक्तिगत बहादुरी नहीं, बल्कि सरकार की सख्त कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि इतिहास कमजोरी और हिचकिचाहट को माफ नहीं करता।
उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल दुनिया के किसी भी कोने में यहूदियों पर हमला करने वालों को नहीं छोड़ेगा। नेतन्याहू ने कहा कि जो यहूदियों को नुकसान पहुंचाएगा, वह अपनी बाकी की जिंदगी यह जानते हुए बिताएगा कि इजराइल उसे ढूंढेगा और खत्म करेगा।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री का जवाब
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि ऑस्ट्रेलिया नफरत और हिंसा के आधार पर नहीं बंटेगा। उन्होंने कहा कि देश यहूदी समुदाय के साथ मजबूती से खड़ा है और यहूदी-विरोधी सोच के खिलाफ हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। इससे पहले भी अल्बनीज ने इस हमले को “शुद्ध बुराई” करार देते हुए सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया था।
गोलीबारी में मरनेवालों की संख्या पहुंची 16, आतंकवादी हमला घोषित
न्यू साउथ वेल्स पुलिस के अनुसार, यह गोलीबारी रविवार शाम करीब 6 बजकर 47 मिनट पर उस वक्त हुई, जब बॉन्डी बीच पर हनुक्का पर्व के पहले दिन के मौके पर करीब 1,000 लोग जमा थे। तभी एक 50 वर्षीय व्यक्ति और उसके 24 वर्षीय बेटे ने भीड़ पर गोलियां चला दीं। हमलावरों में से 50 वर्षीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका बेटा घायल अवस्था में पकड़ा गया। मृतकों में एक हमलावर भी शामिल है।
पुलिस आयुक्त माल लैन्यन ने बताया कि 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा। मृतकों की उम्र 10 साल से लेकर 87 साल तक है। घायलों में से पांच की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने इस घटना को आतंकवादी हमला घोषित किया है और इसकी जांच काउंटर टेररिज्म यूनिट कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, मुख्य हमलावर के पास वैध हथियार लाइसेंस था और उसके पास कानूनी रूप से छह बंदूकें थीं। यह घटना ऑस्ट्रेलिया में 1996 के पोर्ट आर्थर नरसंहार के बाद सबसे घातक सामूहिक गोलीबारी मानी जा रही है।
जांच के तहत पुलिस का फोकस सिडनी से करीब 30 मिनट दूर कैंप्सी इलाके की ब्राइटन स्ट्रीट स्थित एक किराये की इमारत पर है, जहां दोनों हमलावर कथित तौर पर पिछले दो हफ्तों से रह रहे थे और वहीं उन्होंने हमले की तैयारी की थी। ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस और न्यू साउथ वेल्स पुलिस की टीमें लगातार वहां से सबूत जुटा रही हैं।
हमले के बाद घायलों के इलाज के लिए रक्त की तत्काल जरूरत पड़ी। सिडनी में लोग बड़ी संख्या में रक्तदान केंद्रों पर पहुंचे। रक्तदान की वेबसाइट भारी दबाव के कारण क्रैश हो गई, जिसके बाद लोगों से सीधे ब्लड बैंकों में पहुंचने की अपील की गई। टाउन हॉल जैसे इलाकों में रक्तदान के लिए छह घंटे से ज्यादा का इंतजार देखा गया।
संयुक्त राष्ट्र की कड़ी निंदा
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। उनके उप प्रवक्ता फरहान हक ने बयान जारी कर बताया कि महासचिव ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सरकार, जनता और दुनिया भर के यहूदी समुदाय के साथ एकजुटता व्यक्त की है।
गुटेरेस ने कहा कि धार्मिक आयोजनों और समुदायों पर हमले सहिष्णुता, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और मानवीय गरिमा पर सीधा हमला हैं और यहूदी-विरोधी नफरत की किसी भी रूप में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
मुस्लिम संगठनों और संयुक्त राष्ट्र की निंदा
ऑस्ट्रेलिया के मुस्लिम संगठनों ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है। ऑस्ट्रेलियन नेशनल इमाम्स काउंसिल ने कहा कि यह हमला सिर्फ यहूदी समुदाय पर नहीं, बल्कि पूरे ऑस्ट्रेलिया पर हमला है। मुस्लिम संगठनों ने यहूदी समुदाय के साथ एकजुटता दिखाने की अपील की है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी हमले की निंदा करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि धार्मिक आयोजनों पर हमले सहिष्णुता और मानवीय मूल्यों पर सीधा प्रहार हैं।

