शनिवार, मार्च 21, 2026
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Bondi Beach shooting: सिडनी के बोंडी बीच पर हनुक्का समारोह के दौरान गोलीबारी; 12 की मौत, इजराइल ने जताई कड़ी नाराजगी

Bondi Beach shooting: यह घटना उस समय हुई जब बोंडी बीच पर ‘चानुका बाय द सी’ कार्यक्रम के लिए सैकड़ों लोग मौजूद थे। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में यहूदी समुदाय के लोग शामिल थे।

Bondi Beach shooting: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बोंडी बीच पर रविवार शाम हुई भीषण गोलीबारी में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई है। यह हमला यहूदियों के आठ दिवसीय पवित्र पर्व हनुक्का की पहली रात आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हुआ, जब बीच पर सैकड़ों लोग जमा थे। न्यू साउथ वेल्स (NSW) पुलिस ने मौतों की पुष्टि की है। राष्ट्रीय प्रसारक एबीसी के मुताबिक, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक शूटर भी मारा गया है।

एनएसडब्ल्यू पुलिस कमिश्नर माल लैन्यन ने कहा कि फिलहाल पीड़ितों की उम्र को लेकर कोई पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन उन्हें जानकारी मिली है कि एक बच्चे को भी इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि स्थिति अभी बेहद संवेदनशील और लगातार बदल रही है, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

पुलिस के अनुसार, स्थानीय समयानुसार शाम करीब 6:47 बजे बॉन्डी बीच के आर्चर पार्क इलाके में गोलीबारी की कई सूचनाएं मिली थीं। यह इलाका बीच के पास स्थित एक खुला और हरा-भरा क्षेत्र है। कमिश्नर लैन्यन ने पुष्टि की कि अब तक कम से कम 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 29 अन्य लोगों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया है। इनमें दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

लैन्यन ने कहा कि जांच के शुरुआती चरण में हमलावरों को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। साथ ही पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस हमले में कोई तीसरा शूटर शामिल था।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि हनुक्का पर्व के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में एक हजार से ज्यादा लोग मौजूद थे। उन्होंने लोगों से संयम बनाए रखने और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है।

पीएम एंथनी ने घटना पर दी प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने घटना को चौंकाने वाला और बेहद परेशान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस और आपात सेवाएं जान बचाने में जुटी हैं और लोगों से न्यू साउथ वेल्स पुलिस के निर्देशों का पालन करने की अपील की।

वहीं,ऑस्ट्रेलिया की यहूदी एसोसिएशन के प्रमुख रॉबर्ट ग्रेगरी ने इसे त्रासदी लेकिन पूर्वानुमेय बताया और यहूदी समुदाय की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त कदम न उठाने का आरोप लगाया। ऑस्ट्रेलियन नेशनल इमाम्स काउंसिल सहित प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने भी हमले की कड़ी निंदा की और पीड़ितों के प्रति संवेदना जताते हुए एकजुटता की अपील की।

कब और कैसे हुई यह घटना?

यह घटना उस समय हुई जब बोंडी बीच पर ‘चानुका बाय द सी’ कार्यक्रम के लिए सैकड़ों लोग मौजूद थे। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में यहूदी समुदाय के लोग शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि काले कपड़ों में दो हमलावरों ने राइफल या शॉटगन से ताबड़तोड़ फायरिंग की। लोगों ने 12 से लेकर 50 राउंड तक गोलियों की आवाज सुनने का दावा किया है। कैंपबेल परेड के आसपास कई लोग जमीन पर गिरे हुए देखे गए।

समाचार एजेंसी एएफपी को एक चश्मदीद ने बताया कि उसने काले कपड़ों में दो शूटर देखे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक व्यक्ति को काले कपड़ों में बड़े हथियार से फायरिंग करते और फिर एक नागरिक द्वारा काबू में किए जाते देखा गया। एक अन्य वीडियो में पैदल पुल से फायरिंग की तस्वीरें भी सामने आई हैं।

घटना के तुरंत बाद न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने बड़ा ऑपरेशन शुरू किया और दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। स्थानीय मीडिया ‘सिडनी संडे मॉर्निंग हेराल्ड’ के अनुसार, एक हमलावर को पुलिस ने गोली मारी, जबकि दूसरे को गिरफ्तार किया गया है।

कमिश्नर लैन्यन ने कहा कि इस हमले की जांच काउंटर-टेररिज्म यूनिट की अगुवाई में की जाएगी और इसमें किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक, हमले में शामिल दूसरा आरोपी अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि एक अन्य हमलावर की मौत हो चुकी है।

न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने भी पुष्टि की कि मृतकों में एक हमलावर शामिल है और दूसरा आरोपी पुलिस की हिरासत में है। उन्होंने कहा कि यह हमला सिडनी के यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किया गया था। प्रीमियर के मुताबिक, जो रात शांति और खुशी की होनी चाहिए थी, वह एक भयावह और अमानवीय हमले से टूट गई।

पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। लोगों को सुरक्षित जगह पर रहने और घटनास्थल से दूर रहने की सलाह दी गई। मौके पर हेलिकॉप्टर, एंबुलेंस और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

इजराइल ने घटना के लिए ऑस्ट्रेलियाई सरकार को जिम्मेदार बताया

इस हमले पर इजराइल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने एक्स पर पोस्ट कर ऑस्ट्रेलियाई सरकार पर यहूदी-विरोधी हिंसा को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में पिछले दो वर्षों से यहूदी-विरोधी माहौल बढ़ रहा है और सरकार को कई चेतावनी संकेत मिले थे, जिन्हें नजरअंदाज किया गया।

इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर ने भी हमले को लेकर ऑस्ट्रेलियाई सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने के फैसले ने यहूदी-विरोधी हिंसा को बढ़ावा दिया है। ‘द टाइम्स ऑफ इजराइल’ के मुताबिक, उन्होंने कहा कि इस हमले की जिम्मेदारी ऑस्ट्रेलियाई सरकार पर भी बनती है।

गौरतलब है कि यह हमला लगभग ठीक 11 साल बाद हुआ है, जब सिडनी के लिंड्ट कैफे में एक अकेले बंदूकधारी ने 18 लोगों को बंधक बना लिया था। वह घेराबंदी 16 घंटे तक चली थी, जिसके बाद दो बंधक और हमलावर मारे गए थे।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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