Friday, March 20, 2026
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शेयर बाजार क्रैश! सेंसेक्स में 800 से ज्यादा अंकों की गिरावट…क्या रही वजह?

भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के कारोबारी सत्र में तेजी के साथ खुला। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ बिकवाली ने बाजार को नीचे गिराना शुरू किया। कमोबेश सभी क्षेत्रों के शेयर में गिरावट देखने को मिली है।

नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली है। बाजार सुबह तेजी के साथ खुला लेकिन दोपहर के सत्र में लगातार बिकवाली के चलते बाजार तेजी से नीचे गिरा। दोपहर करीब 1:57 बजे सेंसेक्स 831.58 अंक गिरकर 82,902.67 पर आ गया, जबकि निफ्टी भी 252.05 अंक गिरकर 25,566.90 पर पहुंच गया। इससे पहले सेंसेक्स ने सुबह 114 अंक और निफ्टी ने 39 की बढ़त बनाई थी।

शेयर बाजार में अचानक क्यों हुई गिरावट?

यह गिरावट बाजार के किसी एक हिस्से तक सीमित नहीं है। बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, ऊर्जा और कैपिटल गुड्स यानी सभी क्षेत्रों में शेयरों में बिकवाली देखी जा रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और लार्सन एंड टुब्रो जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखी गई, जिससे सूचकांकों पर काफी दबाव पड़ा।

यहां तक ​​कि हिंदुस्तान यूनिलीवर और आईटीसी जैसी कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट आई। जब इतनी बड़ी कंपनियों के शेयर एक साथ गिरते हैं, तो बेंचमार्क सूचकांकों में तेजी से गिरावट आती है क्योंकि सूचकांकों की गणना में इन शेयरों का भार अधिक होता है। इंफोसिस और टीसीएस जैसी कुछ ही कंपनियों के शेयरों में मामूली बढ़त दर्ज की गई, जिससे सीमित सपोर्ट बाजार को मिला।

इसके अलावा एक अन्य महत्वपूर्ण वजह प्रोफिट बुकिंग भी रही। हालिया तेजी के बाद, कुछ निवेशक लाभ लेने का विकल्प चुन रहे हैं। प्रोफिट बुकिंग का सीधा अर्थ है शेयरों को ऊंचे स्तर पर बेचकर रिटर्न हासिल करना। एक बार जब यह बिकवाली तेज हो जाती है, तो यह आगे बिकवाली को और बढ़ावा देती है। जैसे-जैसे अधिक व्यापारी अपनी पोजीशन से बाहर निकलते हैं, एक दिन में होने वाली गिरावट तेज हो सकती है।

वैश्विक अनिश्चितता भी वजह

वैश्विक संकेत भी इसमें भूमिका निभा रहे हैं। भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक विकास तथा ब्याज दरों की दिशा को लेकर अनिश्चितता के बीच दुनिया भर के निवेशक सतर्क बने हुए हैं। अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक अक्सर शेयरों में अपना निवेश कम कर देते हैं और सोने या सरकारी बॉन्ड जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में धन लगाते हैं। जोखिम लेने की प्रवृत्ति में यह बदलाव भारत सहित उभरते बाजारों पर दबाव डाल सकता है।

इससे पहले आज शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार को संभालने का काम आईटी शेयर कर रहे थे। इस कारण निफ्टी आईटी एक प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ सूचकांकों में टॉप गेनर था। निफ्टी मेटल, निफ्टी ऑटो, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी फार्मा, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी पीएसयू बैंक भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। दूसरी तरफ निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी मीडिया और निफ्टी एफएमसीजी लाल निशान में थे।

बताते चलें कि हांगकांग, ताइपे और शंघाई के बाजार बंद हैं। वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को हरे निशान में बंद हुआ।

बहरहाल, चांदी में आज भी हल्की तेजी देखी जा रही है और यह 0.64 प्रतिशत की तेजी के साथ 78 डॉलर प्रति औंस पर है, जबकि गोल्ड 0.15 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 5,002 डॉलर प्रति औंस पर है। जानकार कमोडिटी मार्केट में तेजी की वजह अमेरिका और ईरान में संघर्ष में बढ़त को मान रहे हैं, इसके अलावा, फेड के रुख से भी कमोडिटी मार्केट में खरीदारी को बढ़ावा मिला है।

(समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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