Friday, March 20, 2026
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केरल में भाजपा का 7 दशक से भी अधिक का सूखा खत्म!, सुरेश गोपी ने त्रिशूर में खिलाया कमल, जानें कौन हैं?

तिरुवनंतपुरमः  केरल में आखिरकार ‘कमल’ खिल ही गया। अभिनेता से नेता बने भाजपा उम्मीदवार सुरेश गोपी ने लोकसभा चुनाव में त्रिशूर से 72,000 मतों के अंतर से जीत दर्ज की है। उन्होंने पूर्व राज्य मंत्री और भाकपा नेता वी.एस. सुनील कुमार को हराया है। सुरेश गोपी को 4,12,338 वोट मिले। वहीं सुनील कुमार को 3,37,652 मत हासिल हुए। 3,28,124 वोट पाकर कांग्रेस नेता के.मुरलीधरन तीसरे स्थान पर रहे।

केरल में 20 लोकसभा सीटें हैं। 2019 के चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 19 सीटें जीती थीं जबकि माकपा के नेतृत्व वाले वाम दल ने एक सीट जीती और भाजपा तिरुवनंतपुरम में दूसरे स्थान पर रही थी। गोपी की जीत ने केरल में भाजपा सात दशक से अधिक समय से चले आ रहे राजनीतिक सूखे को खत्म कर दिया है।

द क्विंट के अनुसार भाजपा ने कभी भी लोकसभा सीट नहीं जीती है। सिवाय 2016 के, जब पार्टी के ओ राजगोपाल ने तिरुवनंतपुरम में नेमोम विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की थी।। त्रिशूर में अपनी आसन्न जीत से गोपी गदगद हैं। उन्होंने कहा कि “जीत” के लिए त्रिशूर के धर्मनिरपेक्ष मतदाताओं के ऋणी हैं और वह उनके सामने नतमस्तक हैं। लोगों ने मुझे त्रिशूर दिया। मैंने इसे अपने दिल में रख लिया है।

गोपी ने कहा कि उनका प्रदर्शन सिर्फ घोषणा पत्र तक सीमित नहीं रहेगा। वे पूरे केरल में काम करेंगे। उनके पास विकास का मॉड्यूल है जिसे वे लागू करेंगे। साथ ही अभिनेता ने यह भी कहा कि चूंकि वह एक कलाकार हैं तो वह अभिनय भी जारी रखेंगे। क्योंकि वह उनका जुनून है।

सुरेश गोपी – फिल्म करियर

जून 1958 में केरल के अलप्पुझा में जन्मे सुरेश गोपी एक बहुमुखी व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने सिनेमा, टेलीविजन और राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 65 वर्षीय गोपी ने कोल्लम में अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी की और जूलॉजी में बैचलर ऑफ साइंस की डिग्री और अंग्रेजी साहित्य में मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की।

साल 1965 में ओडायल निन्नू के साथ बतौर बाल कलाकार उन्होंने अभिनय की शुरुआत की। मुख्य रूप से मलयालम सिनेमा में अपने काम के लिए जाने जाने वाले गोपी तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और हिंदी भाषाओं की फिल्मों में भी दिखाई दिए हैं। उन्होंने मणिचित्राथजू, ए नॉर्दर्न स्टोरी ऑफ वैलोर और ओरु सीबीआई डायरी कुरिप्पु जैसी प्रसिद्ध फ़िल्मों में काम किया है। अपने करियर के दौरान, उन्होंने लगभग 250 फिल्मों में अभिनय किया है, जिनमें से ज्यादातर मलयालम फिल्में हैं।

सुरेश गोपी का राजनीतिक करियर 

अभिनेता से राजनेता बनने वाले सुरेश गोपी अक्टूबर 2016 में वे भाजपा में शामिल हुए थे। इसके बाद से वे केरल में पार्टी के प्रमुख प्रचारकों में से एक रहे हैं। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सुरेश गोपी ने भगवा पार्टी के लिए त्रिशूर लोकसभा सीट जीती, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि केरल में उसका खाता खुलेगा। एग्जिट पोल ने भी अभिनेता की जीत की भविष्यवाणी की थी, लेकिन उनके प्रतिद्वंद्वियों ने कहा था कि ऐसा नहीं होगा। भले ही भाजपा अपने दम पर बहुमत पाने में विफल रही हो, लेकिन भाजपा एक ऐसे राज्य में पैठ बनाने में सफल हुई है जो लोकसभा चुनावों में उसे नकारती रही हो।

सुरेश गोपी इस मध्य केरल निर्वाचन क्षेत्र से पहले भी दो चुनाव लड़े लेकिन दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। पहला 2021 के राज्य विधानसभा चुनावों में त्रिशूर से और दूसरा 2019 के लोकसभा चुनाव में। गोपी ने 2019 में भी त्रिशूर से चुनाव लड़ा था, लेकिन कांग्रेस के टीएन प्रतापन से 1.2 लाख वोटों के अंतर से हारकर तीसरे स्थान पर रहे थे। इसके बाद 2021 में त्रिशूर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा। फिर से तीसरे स्थान पर रहे। गोपी 4,000 से कम वोटों के अंतर से हार गए थे। उन्होंने 2016 और 2022 के बीच राज्यसभा में अपने कार्यकाल के दौरान भी निर्वाचन क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया, जिसका लाभ मिला है।

विवाद

2022 में,  सुरेश गोपी ने विशु के फसल उत्सव के दौरान ‘कैनेट्टम’ के रूप में सिक्कों या छोटी धनराशि का उपहार वितरित करके एक विवाद को जन्म दिया था। वह एक कार से उपहार वितरित कर रहे थे।  इस दौरान महिलाओं सहित कई लोगों ने उनका आशीर्वाद लेने के लिए उनके पैर छुए थे। उस दौरान अभिनेता की लोगों से अपने पैर छुआने को लेकर काफी आलोचना हुई थी। हालांकि, उन्होंने अपने आलोचकों को “परेशान करने वाले टैडपोल की सेना” कहकर खारिज कर दिया और यह दावा किया कि उनके कार्य अच्छे इरादों से प्रेरित थे।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, गोपी को सितंबर 2023 में सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट (एसआरएफटीआई) की गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष और चेयरपर्सन के रूप में कार्य करने के लिए नामित किया गया था। एक महीने बाद, एक महिला पत्रकार द्वारा साक्षात्कार के दौरान उसके कंधे को छूने का आरोप लगाने के बाद गोपी पर यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया। अभिनेता के खिलाफ चार आपराधिक मामले दर्ज हैं।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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