नई दिल्ली: राज्य सभा चुनाव के लिए भाजपा ने 9 उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस सूची में पार्टी ने 6 राज्यों के उम्मीदवारों की घोषणा की है। इनमें भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का नाम सबसे खास है, जिन्हें बिहार से पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है। हालांकि, इसकी अटकलें काफी पहले से लगाई जा रही थी। बिहार से दो उम्मीदवारों की घोषणा भाजपा ने की है। नितिन नबीन के अलावा शिवेश कुमार को भी बिहार से पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है।
इसके अलावा पार्टी ने असम से दो उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है। इसमें तेराश गोवाला और जोगेन मोहन शामिल हैं। छत्तीसगढ़ से भाजपा ने लक्ष्मी वर्मा और हरियाणा से संजय भाटिया को उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा का नाम सामने आया है। ओडिशा से भाजपा ने मनमोहन सामल और सुजीत कुमार को बतौर उम्मीदवार उतारा है।
राज्य सभा चुनाव और गणित
बिहार समेत 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। जिन राज्यों से सीटें रिक्त होने वाली हैं वे हैं- महाराष्ट्र (सात), तमिलनाडु (छह), पश्चिम बंगाल (पांच), बिहार (पांच), ओडिशा (चार), असम (तीन), तेलंगाना (दो), छत्तीसगढ़ (दो), हरियाणा (दो) और हिमाचल प्रदेश (एक)।
चुनाव में नामांकन की आखिरी तारीख 5 मार्च है। बिहार की बात करें तो यहां से 5 राज्य सभा सीटों के लिए चुनाव है। दरअसल, बिहार से जिन 5 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है, उनमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, प्रेमचंद्र गुप्ता, अमरेंद्र धारी सिंह और उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। इनमें हरिवंश और रामनाथ ठाकुर जदयू से हैं। वहीं, प्रेमचंद्र गुप्ता और अमरेंद्र धारी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से आते हैं। उपेंद्र कुशवाहा रालोमो के प्रतिनिधि हैं।
बिहार में मौजूदा विधान सभा गणित को देखा जाए तो राज्य सभा में एनडीए के खाते में 5 में से 4 सीटें लगभग तय मानी जा रही हैं। फिलहाल .ये भी देखा जाना है कि जदयू की ओर से किन्हें उम्मीदवार बनाया जाता है। सूत्रों के अनुसार रामनाथ ठाकुर को फिर से जदयू उम्मीदवार बनाया जाना तय है। इसके अलावा नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार का भी नाम चर्चा में है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। एनडीए गठबंधन का हिस्सा उपेंद्र कुशवाहा के भी फिर से राज्य सभा पहुंचने की अटकलें चल रही हैं।
दूसरे राज्यों में क्या है समीकरण?
ओडिशा में 4 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव है। भाजपा बहुमत में है और संख्या बल के आधार पर कम से कम दो सीटों पर उसकी जीत पक्की है। बीजू जनता दल (बीजेडी) भी एक सीट कब्जा जमा सकती है। वहीं, बची हुई एक सीट के लिए रस्साकशी देखने को मिलेगी। इस एक सीट के लिए दोनों पार्टियों के पास पर्याप्त संख्य नहीं है।
इसके अलावा महाराष्ट्र में 7 में से छह सीटों पर भाजपा गठबंधन की जीत तय है। वहीं, एक सीट विपक्ष के खाते में जा सकता है। तेलंगाना में लड़ाई दिलचस्प है, जहां दो सीटों पर चुनाव होने हैं। यहां हाल तक कांग्रेस के लिए दोनों सीट पर जीत तय मानी जा रही थी। 119 सीटों वाले तेलंगाना विधानसभा में कांग्रेस के 76 सदस्य हैं। हालांकि अब बीआरएस के भी मैदान में उतरने की अटकलों ने कांग्रेस का समीकरण बिगाड़ दिया है। अगर भाजपा भी बीआरएस के साथ आती है तो संभव है कि कांग्रेस को एक सीट से संतोष करना पड़ेगा।
गौरतलब है कि 18 फरवरी को चुनाव आयोग ने 10 राज्यों से रिक्त होने वाली 37 सीटों को भरने के लिए राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों का कार्यक्रम घोषित किया था। आयोग के अनुसार, मतदान 16 मार्च को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगा और मतगणना उसी दिन शाम 5:00 बजे होगी। 37 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त होने वाला है।
चुनाव की अधिसूचना 26 फरवरी को जारी की गई थी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च निर्धारित की गई है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 6 मार्च को की जाएगी। उम्मीदवारों के पास 9 मार्च तक अपना नामांकन वापस लेने का विकल्प होगा।

