पटना: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को प्रदेश के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने 2026-27 का बजट पेश किया। बिजेंद्र प्रसाद ने अपने अपने बजट भाषण में कहा कि ये बजट ‘संपन्न बिहार, समृद्ध बिहार’ की थीम पर आधारित है।
इस बजट का कुल आकार 3.47 लाख करोड़ रुपये है। इससे पहले पिछले साल का बजट 3.17 लाख करोड़ रुपये का था। बिजेंद्र प्रसाद ने कहा कि पेश किए बजट में विकास, रोजगार, महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।
बिहार बजट 2026 की मुख्य बातें क्या हैं?
- बिहार में नई सरकार के पेश किए गए पहले बजट में राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए उद्योग क्षेत्र के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस राशि से नए उद्योगों को प्रोत्साहन, निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की योजना है।
- इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए हाट-बाजार विकास योजना को विस्तार देने का प्रस्ताव भी बजट में दिया गया है। हाट-बाजार के सुदृढ़ होने से किसानों, छोटे व्यापारियों और स्थानीय उत्पादों को सीधा लाभ मिलेगा।
- बिहार बजट में 5 नए एक्सप्रेसवे बनाने का भी प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा सभी सिंगल लेन सड़कें डबल होंगी। सड़क निर्माण (ग्रामीण और शहरी) के लिए 18,716 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है।
- बजट में बड़ा हिस्सा स्कूल और उच्च शिक्षा के लिए दिया गया है। बजट में 68,216 करोड़ शिक्षा के लिए है। ये सभी विभागों के मुकाबले सबसे अधिक है।
- पश्चिम चंपारण के बागाहा में 73.04 करोड़ रुपये के स्वीकृत बजट से एक नया सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थापित किया जाएगा। इसी बीच, पूर्वी चंपारण, जमुई और पूर्णिया में 39 करोड़ रुपये की संयुक्त लागत से डिजिटल तारामंडल और अंतरिक्ष शिक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।
- उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के सहयोग से पटना में 48 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट से एक इनक्यूबेशन केंद्र स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र से उभरते उद्यमियों को तकनीकी मार्गदर्शन, कानूनी सहायता और नेटवर्किंग के अवसर मिलने की उम्मीद है।
- बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी पाठ्यक्रम का विस्तार किया जाएगा, जिससे छात्रों को एआई, डेटा साइंस और साइबर सुरक्षा जैसे अत्याधुनिक विषयों का ज्ञान प्राप्त होगा। राज्य सरकार ने भू-स्थानिक सेवा नीति-2025 को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य उपग्रह डेटा और मानचित्रण प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके विकास परियोजनाओं की सटीकता को बढ़ाना है।
- इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 21,270 करोड़ और ग्रामीण विकास के लिए 23,701 रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। उर्जा विभाग को 18,737 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है।
- मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को 3000 रुपये सालाना अतिरिक्त सहायता मिलेगी। यह राशि पीएम किसान निधि की मौजूदा राशि के साथ ही डीबीटी माध्यम से किसानों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
- बजट में 2025 से 2030 के बीच 1 करोड़ रोजगार अवसर तैयार करने की भी बात कही गई है।
बिहार के वित्त मंत्री ने बजट भाषण में और क्या कहा?
बिहार की आर्थिक विकास दर लगातार तेज होने का दावा करते हुए बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि आगामी वर्ष में इसके 14.9 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। सात निश्चय योजनाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि सात निश्चय के माध्यम से बिहार को विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।
उन्होंने कहा कि अब तक एक करोड़ 56 लाख महिलाओं के सशक्तीकरण और विकास के लिए कार्य किया गया है। बजट में सस्ते आवास के संकल्प को भी शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि ये बजट महिलाओं को शिक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाया जाएगा। आने वाले वर्ष में महिला विकास से जुड़े कार्यक्रमों के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि बिहार को विकसित राज्य बनाना सरकार का लक्ष्य है।
(समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)

