राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी क्षेत्र में सोमवार को एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लगने से कम से कम सात लोगों की जलकर मौत हो गई। समाचार एजेंसी एएनआई ने अधिकारियों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया है कि अब तक घटनास्थल से सात शव बरामद किए जा चुके हैं।
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट सुमिता मिश्रा ने बताया कि आग लगने के दौरान फैक्ट्री के अंदर नौ लोग फंसे हुए थे। रेस्क्यू टीम अब तक सात लोगों के शव निकाल चुकी है और दो अन्य मजदूरों के अंदर फंसे होने की आशंका के चलते उनकी तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि आग में फंसे लोगों को बचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
वहीं, घटना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतुल साहू ने बताया कि सुबह करीब 9 से 9:30 बजे के बीच आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके तुरंत बाद फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने कहा कि आग पर काबू पाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन आग इतनी तेज थी कि सात लोगों की मौत हो गई है। घटना में चार से पांच लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के एम्स में रेफर किया गया है।
अतुल साहू ने आगे बताया कि बचाव अभियान पूरा कर लिया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यूनिट के पास रेडीमेड गारमेंट्स का लाइसेंस था, जबकि परिसर से छोटे विस्फोटक और पटाखों से जुड़ा सामान बरामद हुआ है। मामले की विस्तृत जांच के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया है और जांच रिपोर्ट के बाद आग लगने की असली वजह स्पष्ट होगी। उन्होंने बताया कि कुल 11 लोगों में से सात की मौत हो चुकी है, जबकि बाकी का उपचार जारी है।
बता दें कि घटना के बाद आसपास के क्षेत्रों से कई दमकल गाड़ियां और बचाव दल मौके पर भेजे गए। फैक्ट्री में रसायनों की मौजूदगी के कारण आग बुझाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और टीमों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। अधिकारियों के अनुसार वहां मौजूद कुछ मजदूर समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन कुछ लोग बाहर नहीं आ सके।
इस दर्दनाक हादसे के बाद राजस्थान की सियासत भी गरमा गई है। इस घटना पर राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे हादसे गंभीर चिंता का विषय हैं और सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने अजमेर में हुए उस पुराने हादसे का भी जिक्र किया, जिसमें एक केमिकल टैंकर पलटने से 16 लोगों की मौत हो गई थी, और आरोप लगाया कि ऐसे घटनाक्रम लगातार सामने आ रहे हैं।

