Friday, March 20, 2026
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Bharat Taxi App लॉन्च, भारत की पहली सहकारी कैब सेवा; ओला, उबर को मिलेगी टक्कर

भारत टैक्सी ऐप को लॉन्च कर दिया गया है। दिल्ली में अमित शाह ने भारत के इस पहले सहकारी कैब सेवा को लॉन्च किया। यह जहां दूसरे प्राइवेट ऐप सेवाओं के मुकाबले सस्ता होगा, वहीं ड्राइवरों को भी सवारी भुगतान का प्रतिशत मिलेगा।

नई दिल्ली: भारत टैक्सी ऐप के लॉन्च के साथ भारत के टैक्सी बाजार में एक नया नाम जुड़ गया है। यह प्लेटफॉर्म सहकारी मॉडल पर आधारित है और सहकारिता मंत्रालय के सहयोग से शुरू किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्रालय भी संभाल रहे अमित शाह ने इसे गुरुवार को इसे दिल्ली-एनसीआर में लॉन्च किया। निजी राइड ऐप जैसे ओला, उबर, रैपिडो के उलट यह ऐप सेवा ड्राइवर स्वामित्व वाली सहकारी प्रणाली पर आधारित है।

इसका उद्देश्य ड्राइवरों के भुगतान और प्रबंधन के तरीके में बदलाव लाना है। साथ ही यह यात्रा का सस्ता विकल्प भी साबित हो सकता है। यह सेवा सबसे पहले दिल्ली-एनसीआर में शुरू हुई है और धीरे-धीरे इसे अन्य शहरों में भी विस्तारित करने की योजना है।

भारत का पहला सहकारी राइड सर्विस

भारत टैक्सी ऐप भारत में पहला सहकारी राइड-हेलिंग सर्विस ऐप है। सहकारिता मंत्रालय द्वारा समर्थित और सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा संचालित, भारत टैक्सी को एक ड्राइवर-स्वामित्व वाली परिवहन सेवा के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है जो अपने शुरुआती चरण में जीरो-कमीशन मॉडल पर काम करेगी, जिसमें सवारी भुगतान का 100 प्रतिशत हिस्सा सीधे ड्राइवरों को दिया जाएगा।

सहकारिता मंत्रालय ने बता कि यह प्लेटफॉर्म चालकों के लिए फ्री होगी और उन्हें ‘सारथी’ कहा जाएगा। इसके जरिए केंद्र की कोशिश चालकों को राइड-हेलिंग सर्विस ऐप्स की शोषणकारी नीति से बचाना है।

भारत टैक्सी…कितना किराया होगा?

इस ऐप में चार किलोमीटर तक के लिए किराया 30 रुपए प्रति किलोमीटर होगा, 4-12 किलोमीटर तक के लिए किराया 23 रुपए प्रति किलोमीटर और 12 किलोमीटर से अधिक के लिए किराया 18 रुपए प्रति किलोमीटर होगा। अन्य ऐप्स की तरह इस भारत टैक्सी को भी पब्लिक ट्रांजिट सर्विसेज जैसे मेट्रो से जोड़ा जाएगा। इससे यूजर्स को एक ही ऐप से अपनी यात्रा को पूरा करने में मदद मिलेगी।

समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती चरण में इसमें 100 प्रतिशत भुगतान चालकों को मिलेगा। बाद के चरण में, सहकारी संस्था लगभग 20 प्रतिशत शुल्क अपने पास रखेगी, जिसे प्रोत्साहन के रूप में चालकों को पुनर्वितरित किया जाएगा। मौजूदा प्लेटफॉर्मों के विपरीत, भारत टैक्सी सर्ज प्राइसिंग से बचने की योजना बना रही है, हालांकि विशिष्ट परिस्थितियों में डायनामिक प्राइसिंग लागू की जा सकती है।

सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, अब तक 150 से अधिक महिला ड्राइवर भारत टैक्सी से जुड़ चुकी हैं। ऐप पर पंजीकरण में भारी वृद्धि देखी जा रही है, पिछले दो दिनों में प्रतिदिन लगभग 40,000 से 45,000 नए यूजर्स जुड़ रहे हैं।

गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से कर सकते हैं डाउनलोड

सहकारिता मंत्रालय द्वारा जनवरी में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए एक लेख के अनुसार, भारत टैक्सी के पंजीकृत ग्राहकों की संख्या चार लाख से अधिक हो चुकी है। एंड्रॉइड और आईओएस दोनों पर यह ऐप उपलब्ध है। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर नौवें और एप्पल के ऐप स्टोर पर 13वें स्थान पर है।

सुरक्षा सुविधाओं में आपातकालीन संपर्कों को सूचित करने, सुरक्षा टीम से संपर्क करने और ऐप के भीतर से सायरन सक्रिय करने के विकल्प भी शामिल हैं। साइन-अप प्रक्रिया के लिए केवल मोबाइल नंबर, नाम और ईमेल जैसी बुनियादी जानकारी की आवश्यकता होती है।

ओला और उबर की तरह, भारत टैक्सी की योजना हवाई अड्डों पर समर्पित पिकअप और ड्रॉप जोन बनाने की है, और भविष्य में अन्य परिवहन केंद्रों तक विस्तार करने की भी योजना है।

बता दें कि मौजूदा निजी ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं के बारे में शिकायतें पिछले कुछ सालों से लगातार बढ़ती रही हैं। इसमें गंदे वाहन, बढ़े हुए किराए से लेकर मनमाने ढंग से कैसिलेशन और कीमतों में अचानक वृद्धि तक शामिल है। साथ ही पूर्व में कई ड्राइवरों ने कंपनियों द्वारा लगाए जाने वाले ऊंचे कमीशन पर भी असंतोष जताया है, जिससे अक्सर उनके किराये से होने वाली आय का 25 प्रतिशत तक का नुकसान हो जाता है। भारत टैक्सी ऐसे में इन समस्याओं से छुटकारा देने की एक पहल साबित हो सकती है।

(समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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